Gemini Spark India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पिछले कुछ सालों में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। देखा जा रहा है कि जिन कामों में पहले घंटों लग जाते थे अब वही मिनटों में पूरे हो जाते हैं। लेकिन अब Google AI को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है। वहीं कंपनी ने भारत में अपना नया Gemini Spark लॉन्च कर दिया है जो पारंपरिक AI चैटबॉट से बिल्कुल अलग तरीके से काम करेगा।
अब तक देखा जा रहा था कि Gemini जैसे AI टूल्स केवल तभी जवाब देते थे जब यूजर उन्हें कोई सवाल या निर्देश देता था। लेकिन Gemini Spark एक ऐसा AI एजेंट है जो एक बार निर्देश मिलने के बाद बैकग्राउंड में लगातार काम करता रहेगा। वहीं खास बात यह है कि यह आपके फोन के लॉक होने या लैपटॉप के शटडाउन रहने पर भी अपने तय किए गए कार्य पूरे करता रहेगा। जिसको लेकर कंपनी अगले कुछ हफ्तों में इसे भारत के Google AI Pro और AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए रोलआउट कर सकती है।
Google ने जानकारी दी है कि Gemini Spark आपके रोजमर्रा के कई काम खुद संभाल सकता है। यदि आपके Gmail पर फ्लाइट टिकट की ईमेल आती है तो यह उसकी जानकारी अपने आप Google Sheets में जोड़ देगा। किसी शादी या इवेंट के इन्विटेशन ईमेल से मेहमानों की सूची और उनकी पसंद-नापसंद की समरी तैयार कर सकता है जिससे आयोजन करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा हर शुक्रवार यह आपके शहर के स्थानीय इवेंट्स खोजकर उनकी सूची तैयार करेगा और पसंदीदा विकल्पों को Google Calendar में जोड़ सकता है। इतना ही नहीं यह आपके मासिक सब्सक्रिप्शन और बिल्स पर भी नजर रखेगा। फ्री ट्रायल खत्म होने या कीमत बढ़ने पर अलर्ट देगा और जरूरत पड़ने पर कैंसिलेशन के लिए ड्राफ्ट ईमेल भी तैयार कर देगा।
Gemini Spark के बारे में खास बात बताए तो यह सिर्फ टास्क ऑटोमेशन तक सीमित नहीं रहेगा। यह आपके पुराने ईमेल्स का विश्लेषण करके आपकी लिखने की शैली को समझेगा और भविष्य में उसी अंदाज में ईमेल ड्राफ्ट तैयार कर सकेगा। इससे प्रोफेशनल्स का काफी समय बच सकता है। यह नया AI एजेंट Google के Gemini 3.6 Flash मॉडल पर आधारित है और कंपनी के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलता है। इसी वजह से यह डिवाइस ऑफ होने पर भी निर्धारित कार्य जारी रख सकता है।
बता दें कि Google ने साफ किया है कि Gemini Spark पूरी तरह यूजर के कंट्रोल में रहेगा। यूजर तय करेगा कि AI को किन Google ऐप्स का एक्सेस देना है। साथ ही ईमेल भेजने, पेमेंट करने या किसी अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई से पहले यह AI हमेशा यूजर की अनुमति लेगा। AI इंडस्ट्री में यह बदलाव सिर्फ एक नया फीचर नहीं बल्कि प्रॉम्प्ट-आधारित AI से ऑटोनॉमस AI एजेंट की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है। यदि यह तकनीक उम्मीद के मुताबिक काम करती है तो आने वाले समय में डिजिटल असिस्टेंट हमारे दैनिक कामकाज का अहम हिस्सा बन सकते हैं।