Fake Cheque Truth, AI: AI तेजी से असली और नकली के बीच की रेखा मिटा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 69,000 रुपये का एक ऐसा चेक वायरल हुआ, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। यह चेक एक यूजर शिरीष ने AI टूल की मदद से तैयार किया था, जो देखने में बिल्कुल असली बैंक चेक जैसा लग रहा था। इस घटना के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगा क्या अब AI के जरिए नकली चेक बनाकर बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं?
AI से बनाए गए इस चेक में वो सभी डिटेल्स मौजूद थीं, जो एक असली चेक में होती हैं जैसे अकाउंट नंबर, ब्रांच डिटेल्स, सिग्नेचर एरिया और MICR बैंड। यह चेक OpenAI के नए इमेज जनरेशन टूल ChatGPT Image 2.0 की मदद से तैयार किया गया था। यह टूल इतनी बारीकी से इमेज बनाता है कि पहली नजर में असली और नकली का फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता है। शिरीष ने खुद अपने पोस्ट में लिखा, "इस इमेज को ChatGPT Image 2.0 से बनाया गया है, हम तो गए काम से।"
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों को डरा रहा है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार घबराने की जरूरत नहीं है। असल में बैंक चेक सिर्फ दिखने से वैध नहीं होता। उसमें कई ऐसे गुप्त सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जिन्हें कॉपी करना लगभग नामुमकिन है।
AI इन सिक्योरिटी फीचर्स को पूरी तरह कॉपी नहीं कर सकता। इसलिए सिर्फ फोटो देखकर बैंक ट्रांजैक्शन मंजूर नहीं करता।
भले ही बैंक को धोखा देना मुश्किल हो, लेकिन आम लोगों को गुमराह करना आसान हो सकता है। ऐसे AI जनरेटेड चेक का इस्तेमाल करके फ्रॉड करने वाले लोग दूसरों को झांसा दे सकते हैं। खासकर कम जानकारी वाले यूजर्स के लिए यह बड़ा खतरा बन सकता है।
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI कंपनियों को सख्त नियम बनाने होंगे ताकि इस तकनीक का गलत इस्तेमाल रोका जा सके। जब तक AI मॉडल्स पर उचित नियंत्रण नहीं होगा, तब तक इस तरह के दुरुपयोग की संभावना बनी रहेगी।
इस पूरे मामले से साफ है कि AI जितना शक्तिशाली हो रहा है, उतना ही सावधान रहने की जरूरत भी बढ़ रही है।