फेसबुक। 
टेक्नॉलजी

Facebook यूजर्स ध्यान दें! कंपनी ने लाइक और कमेंट बटन को लेकर किया बड़ा ऐलान, इस दिन से बंद होगा फीचर

Facebook Like and Comment Buttons: फेसबुक के वेब प्लगइन पर दिखने वाले लाइक और कमेंट बटन अब हटेंगे।

रंजन कुमार

Like and Comment Buttons Service Update: फेसबुक यूजर्स के लिए बहुत बड़ी खबर है। इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पैरेंट कंपनी मेटा ने ऐलान किया है कि 2009 में लॉन्च हुआ फेसबुक का लाइक और कमेंट बटन अब एक्सटर्न साइट्स पर नहीं दिखेगा। मेटा ने घोषणा की है कि 10 फरवरी 2026 से फेसबुक के लाइक और कमेंट बटन बाहरी वेबसाइट पर दिखना बंद हो जाएंगे। फेसबुक के वेब प्लगइन्स, जो ब्लॉग, न्यूज साइट या शॉपिंग वेबसाइट पर दिखाई देते थे, जैसे- लाइक दिस पेज या कमेंट विद फेसबुक आदि सुविधा हटा दी जाएगी। इसके जरिये यूजर सीधे वेबसाइट पर फेसबुक अकाउंट से लाइक या कमेंट कर सकते थे। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।

एप में नहीं पड़ेगा असर

आप फेसबुक एप या वेबसाइट पर खुद पोस्ट, फोटो या वीडियो देखते हैं तो पहले की तरह लाइक, कमेंट या रिएक्ट कर सकेंगे। यह बदलाव केवल और केवल बाहरी वेबसाइटों पर लागू होगा। फेसबुक के अंदर नहीं।

ऐसा क्यों किया?

मेटा ने कहा है कि यह कदम डेवलपरों के टूल्स को सिंपल और मॉडर्न बनाने के लिए लिया गया है। ये प्लगइन्स 10 साल से अधिक पुराने हो गए हैं। इनका इस्तेमाल अब बहुत कम हो गया है। नए गोपनीयता नियम, डाटा शेयरिंग नीतियों और अन्य सोशल एप के बढ़ते असर की वजह से इनकी जरूरत भी घट गई है।

फरवरी के बाद क्या होगा?

मेटा ने इस ऐलान के साथ यह भी कहा है कि इस फीचर के बंद किए जाने के कारण वेबसाइट पर खराबी नहीं आएगी। बस ये बटन और कमेंट बॉक्स अपने-आप गायब हो जाएंगे। डेवलपरों को तुरंत कुछ करने की जरूरत नहीं, लेकिन बाद में कोड हटाना बेहतर रहेगा। बता दें, फेसबुक समय-समय पर अपने यूजर के लिए नई-नई सुविधाएं लाते रहती है। इसके साथ ही पुरानी सेवाओं में बदलाव करता रहता है।

लोकप्रियता मापने का था सबसे आसान तरीका

कभी इंटरनेट पर लाइक बटन लोकप्रियता मापने का सबसे आसान तरीका था। ब्रांड्स और न्यूज वेबसाइट्स इसे सफलता का पैमाना मानते थे, लेकिन अब इंटरनेट बदल चुका है लोग कई एप पर बंटे हैं। एल्गोरिदम अब बाहरी वेबसाइट्स पर निर्भर नहीं करता और प्राइवेसी अब सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है, इसलिए मेटा अब पुराने फीचर्स छोड़कर नए इनोवेशन और प्राइवेसी-केंद्रित तकनीक पर ध्यान दे रहा है।

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक

Africa Delivery Apps: अफ्रीका के होम डिलीवरी ऐप्स IND के स्टार्टअप्स से सीख सकते हैं डिलीवरी का तरीका: रिपोर्ट

Vande Mataram Row: सोनिया गांधी की बढ़ीं मुश्किलें! BJP नेता ने दर्ज कराई शिकायत, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी

तिरंगे का सफर: एक झंडा, 120 साल की कहानी, 1906 से 1947 तक ऐसे बदला भारत का राष्ट्रीय ध्वज...