क्यै है OTP और TOTP में अंतर। (सौ. Freepik)
नवभारत टेक डेस्क: ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या डिजिटल अकाउंट की सुरक्षा के लिए OTP और TOTP का उपयोग काफी आम हो गया है। हालांकि, इन दोनों के बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इनके बीच क्या अंतर है और कौन ज्यादा सुरक्षित है।
OTP का मतलब क्या है?
OTP का फुलफॉर्म One Time Password है, जिसका मतलब है कि यह पासवर्ड केवल एक बार उपयोग के लिए वैध होता है।
- OTP को सर्वर द्वारा रैंडम तरीके से जेनरेट किया जाता है।
- यह पासवर्ड आपको SMS या ईमेल के जरिए प्राप्त होता है।
- OTP केवल एक बार इस्तेमाल के लिए होता है। गलत डालने पर दोबारा पासवर्ड मंगाना पड़ता है।
- इसे उपयोग करने के लिए इंटरनेट या नेटवर्क कनेक्शन जरूरी है।
- हालांकि, OTP इंटरसेप्ट किया जा सकता है, जिससे इसका दुरुपयोग संभव है।
TOTP का मतलब क्या है?
TOTP का फुलफॉर्म Time-Based One Time Password है, जो एक समय-आधारित पासवर्ड होता है।
- TOTP को डिवाइस और समय के आधार पर जेनरेट किया जाता है।
- यह एक निर्धारित समय (जैसे 30 सेकंड या 1 मिनट) के लिए ही वैध रहता है।
- यह OTP की तुलना में अधिक सुरक्षित है, क्योंकि अमान्य होने का समय पहले से तय होता है।
- TOTP ऑफलाइन काम करता है और नेटवर्क कनेक्शन की जरूरत नहीं होती।
- इसे अक्सर क्रेडिट कार्ड पेमेंट और मोबाइल ऐप्स में 2-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
OTP बनाम TOTP: कौन ज्यादा सुरक्षित?
TOTP सुरक्षा के मामले में OTP से आगे है, क्योंकि यह समय-सीमित होता है और ऑफलाइन भी काम करता है। वहीं, OTP नेटवर्क और सर्वर पर निर्भर करता है, जिससे इसे इंटरसेप्ट करने का जोखिम बढ़ जाता है।