सौरमंडल की फोटो ( सोर्सः सोशल मीडिया ) 
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खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए दिसंबर होगा खास, दिखने जा रही है अद्भुत खगोलीय घटना

खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए 2024 की अद्भुत खगोलीय घटना साल के आखिरी महीने दिसंबर में होने जा रही है। 7 दिसंबर एक खास दिन होगा, जब धरती, सूर्य और बृहस्पति एक सीध में होंगे।

अमन उपाध्याय

नई दिल्ली: खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए 2024 की अद्भुत खगोलीय घटना साल के आखिरी महीने दिसंबर में होने जा रही है। 7 दिसंबर एक खास दिन होगा, जब धरती, सूर्य और बृहस्पति एक सीध में होंगे। इस खगोलीय घटना को 'विपरीतता' (Opposition) कहा जाता है। इस दौरान बृहस्पति पूरी रात आसमान में चमकता रहेगा क्योंकि यह धरती के सबसे करीब होगा। NCR के खगोल प्रेमी इस अवसर को 'जव ऑल' नामक एक विशेष कार्यक्रम के जरिए मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

611 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर होगा बृहस्पति

खगोलविदों के अनुसार, बृहस्पति इस दौरान धरती से लगभग 611 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर होगा। इसे  टेलीस्कोप या दूरबीन से देखना आसान होगा। इसके चार प्रमुख चंद्रमा- आयो, यूरोपा, गेनिमेड और कैलिस्टो भी स्पष्ट दिखाई देंगे। इस खगोलीय संरेखण के दौरान, सूर्य की रोशनी बृहस्पति से परावर्तित होगी और पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग 34 मिनट का समय लेगी। यह भारत भर के सितारों को भी दिखाई देगा।

'जव ऑल' कार्यक्रम के लिए ARIES ऑब्जर्वेटरी में जुटेंगे खगोलविद

मिली जानकारी के अनुसार, NCR के एस्ट्रोफोटोग्राफर्स की एक टीम इस घटना की तस्वीरें लेने नैनीताल स्थित आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (ARIES) के ऑब्जर्वेटरी में जुटेगी। इस टीम में खगोलविद, डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी शामिल हैं। वे अपनी व्यस्त दिनचर्या के बाद भी समय निकालकर बृहस्पति की इस दुर्लभ स्थिति को कैमरे में कैद करेंगे।

अत्याधुनिक टेलीस्कोप और कैमरों का उपयोग

इसको कैद करने और समझने के लिए  टीम अत्याधुनिक टेलीस्कोप और कैमरों का उपयोग करेगी। अभियान के दौरान लगभग 12TB डेटा इकट्ठा करने की योजना है, जिसका उपयोग बृहस्पति की सतह पर हो रहे बदलावों और उसके गैलेलियन चंद्रमाओं की गतिविधियों के अध्ययन के लिए किया जाएगा।

खगोल प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ अवसर

यह घटना खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों और आम जनता के लिए एक दुर्लभ अवसर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ब्रह्मांड की खूबसूरती को नजदीक से देखने का शानदार मौका होगा। अगर आपके पास टेलीस्कोप या दूरबीन है, तो आप रात को आकाश की ओर देखकर इस अद्भुत खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं। आप देखेंगे कि सूर्य की परिक्रमा करती हुई पृथ्‍वी इस स्थिति में आ जायेगी कि पृथ्‍वी के एक तरफ सूर्य होगा तो दूसरी ओर बृहस्पति. इस तरह से बृहस्पति, पृथ्‍वी और सूर्य एक सरल रेखा में दिखाई देंगे।

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