ChatGPT Usage India: नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। OpenAI की इस रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय यूजर्स अब जटिल समस्याओं को हल करने के लिए बड़े पैमाने पर AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। खासतौर पर ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता ने भारत को AI इस्तेमाल के मामले में टॉप 5 देशों में ला खड़ा किया है।
भारत में AI इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। रिपोर्ट बताती है कि Codex जैसे AI कोडिंग टूल्स के यूजर्स में सिर्फ दो हफ्तों के भीतर चार गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोडिंग, डेटा एनालिसिस और टेक्नोलॉजी से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी भारत का प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर मजबूत होता जा रहा है। इससे साफ है कि देश में नई तकनीकों को अपनाने की गति बेहद तेज है।
हालांकि इस तेजी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है। भारत में AI का उपयोग अभी भी कुछ बड़े शहरों तक सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के टॉप 10 शहर लगभग 50% AI यूजर्स को कवर करते हैं, जबकि इन शहरों की आबादी कुल जनसंख्या का 10% से भी कम है। Delhi NCR AI इस्तेमाल में सबसे आगे है, जबकि Bengaluru, Hyderabad और Chennai जैसे शहर भी बड़े हब के रूप में उभर रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि छोटे शहर और ग्रामीण इलाके अभी भी इस तकनीक से दूर हैं। वहींं इन शहरों में ChatGPT का इस्तेमाल भी काफी देखा गया है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अलग-अलग राज्यों में AI का इस्तेमाल अलग उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। पूर्वी राज्यों असम, ओडिशा, मणिपुर और त्रिपुरा में लोग AI का उपयोग पढ़ाई और सीखने के लिए कर रहे हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और केरल में हेल्थ और वेलनेस से जुड़े सवाल ज्यादा पूछे जा रहे हैं। यह दर्शाता है कि जहां शिक्षा के संसाधन सीमित हैं, वहां AI पढ़ाई में मददगार बन रहा है, और जहां स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं, वहां लोग जानकारी के लिए AI पर निर्भर हो रहे हैं।
बड़े और छोटे शहरों के बीच AI उपयोग में बड़ा अंतर देखा गया है। उदाहरण के तौर पर, डेटा एनालिसिस का इस्तेमाल बड़े शहरों में छोटे शहरों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा है। इसी तरह, कोडिंग में 4 गुना और डेवलपर टूल्स के उपयोग में 9 गुना तक का अंतर सामने आया है।
विशेषज्ञ Oliver Jay के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि AI के फायदे देश के हर वर्ग तक कैसे पहुंचाए जाएं। इसके लिए तीन चीजें जरूरी हैं भाषाओं में उपलब्धता, सस्ती कीमत और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर। भारत की युवा आबादी और तेजी से टेक्नोलॉजी अपनाने की क्षमता इसे इस रेस में आगे रखती है। अगर AI को छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया गया, तो भारत इस क्षेत्र में दुनिया का लीडर बन सकता है।