सरकार ने सोशल मीडिया को दी एडवाइजरी। Source. Social Media
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दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले केंद्र की सोशल मीडिया कंपनियों को एडवाइजरी, AI वीडियो पर भी नजर

Social Media Post In Protest: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को नई एडवाइजरी जारी कर दी है। MeitY ने प्लेटफॉर्म्स से कहा है कि वे अधिकृत सरकारी एजेंसियों से मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता दें।

सिमरन सिंह

Social Media Advisory: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को नई एडवाइजरी जारी कर दी है। जानकारी में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने प्लेटफॉर्म्स से कहा है कि वे अधिकृत सरकारी एजेंसियों से मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता दें और प्रदर्शन से जुड़ी संभावित गैरकानूनी सामग्री पर समय रहते कार्रवाई करें।

इस एडवाइजरी में सरकार की चिंता उन पोस्ट, तस्वीरों और वीडियो को लेकर है जो कथित तौर पर गलत जानकारी के साथ साझा किए जा रहे हैं या जिनका मूल संदर्भ बदल दिया गया है। ऐसी सामग्री से लोगों में भ्रम फैलने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

सरकारी एजेंसियों की शिकायतों पर होगी प्राथमिकता से कार्रवाई

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि मंत्रालय ने सोशल मीडिया इंटरमीडियरी कंपनियों से कानून-प्रवर्तन एजेंसियों सहित अधिकृत सरकारी निकायों की शिकायतों पर प्राथमिकता से ध्यान देने को कहा है। वहीं प्लेटफॉर्म्स को संबंधित पोस्ट की जांच कर लागू कानूनों और नियमों के अनुसार जरूरी कदम उठाने होंगे।

वहीं यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है जब CJP मतलब कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी नेताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है। इसमें प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं जबकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज कर चुका है।

AI से बनी तस्वीरों और वीडियो पर भी जोर

जारी कि एडवाइजरी में AI से बनाई या बदली गई सामग्री को लेकर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट्स बताती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसी सामग्री की पहचान करने और खासकर मौजूदा घटनाओं को दिखाने के नाम पर साझा किए जाने वाले AI-जनरेटेड फोटो और वीडियो पर स्पष्ट लेबल लगाने को कहा गया है।

देखा जा रहा है कि AI टूल्स की मदद से किसी घटना जैसी दिखने वाली तस्वीर या वीडियो बनाना आसान हो गया है। ऐसे में दर्शक असली फुटेज और बदली हुई सामग्री के बीच अंतर नहीं कर पाते। जिसको देखतो हुए स्पष्ट लेबल से यूजर्स को पोस्ट का संदर्भ समझने में मदद मिल सकती है।

IT नियमों के तहत सहयोग और समय-सीमा जरूरी

मंत्रालय ने कंपनियों को कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य अधिकृत सरकारी निकायों के साथ समय पर सहयोग करने की भी सलाह दी है। इसमें कानून के तहत मांगी गई जानकारी या सहायता उपलब्ध कराना शामिल है। वहीं कंपनियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और IT Rules, 2021 के लागू प्रावधानों का पालन करना होगा।

इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि एडवाइजरी का मतलब हर प्रदर्शन-संबंधी पोस्ट को गैरकानूनी मानना नहीं है। इसमें कार्रवाई लागू कानूनों और संबंधित सामग्री की प्रकृति के आधार पर होनी चाहिए। जो यूजर्स के लिए भी किसी वीडियो या तस्वीर को शेयर करने से पहले उसका स्रोत, तारीख और संदर्भ जांचना जरूरी बनाती है।

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