GenS Life एक खास ऐप है बुज़ुर्गों के लिए। (सौ. Gens) 
टेक्नॉलजी

इस ऐप से बुज़ुर्गों को मिलेगा डिजिटल सशक्तिकरण का नया जरिया, जानिए इसके फायदे

बदलती दुनिया में वरिष्ठ नागरिकों के लिए तकनीकों की आवश्यकता जरूरी है, जो उन्हें न केवल सुविधाएं दें बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त भी बनाएं। ऐसे में एक खास तकनीक उनके लिए आ गई है।

सिमरन सिंह

तेजी से बदलती दुनिया में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी ऐसी तकनीकों की आवश्यकता महसूस की जा रही है जो उन्हें न केवल सुविधाएं दें बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त भी बनाएं। इसी दिशा में एक शानदार पहल है – ‘GenS Life’ ऐप, जो बुज़ुर्गों को स्वास्थ्य, वित्त, यात्रा, सुरक्षा और समुदाय जैसी ज़रूरी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है।

मीनाक्षी मेनन की सोच से शुरू हुआ सफर

इस ऐप की निर्माता मीनाक्षी मेनन कहती हैं, "60 साल की उम्र होने से मेरा खुद को देखने का नजरिया नहीं बदला, लेकिन लोगों का मुझे देखने का नजरिया बदल गया।" उन्होंने महसूस किया कि जैसे ही उम्र बढ़ती है, समाज व्यक्ति की क्षमता को कम आंकने लगता है। "एक सेल्स पर्सन ने फोन बेचते वक्त झिझक दिखाई, उसे लगा ये मेरे लिए मुश्किल हो सकता है... वहीं से इस सोच की नींव रखी गई कि कुछ ऐसा होना चाहिए जो बुज़ुर्गों की काबिलियत को निखारे।"

समग्र समाधान: वेलनेस से लेकर इंश्योरेंस तक

‘GenS Life’ सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि एक समग्र डिजिटल इकोसिस्टम है जो बुज़ुर्गों के लिए कई सुविधाएं एक साथ लाता है। इसमें स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, वित्तीय सलाह, इमरजेंसी SOS फीचर, कम्युनिटी इवेंट्स और इंश्योरेंस कवर जैसे हॉस्पिटल कैश, पर्सनल एक्सीडेंट और साइबर सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। “हमने बुज़ुर्गों और उनके परिवारों से बात की, उन्होंने गरिमा, आत्मनिर्भरता और अपनापन महसूस करने की ज़रूरत जताई। उसी सोच से बना GenS Life।”

हर कोने तक पहुंचे बदलाव

मीनाक्षी मेनन का विजन है कि देश के दूरदराज के बुज़ुर्गों तक यह सुविधा पहुंचे। इसी मकसद से उन्होंने ‘SilverStars Foundation’ की शुरुआत की, जो स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर इस ऐप को जागरूकता और पहुंच के जरिए गांव-गांव तक ले जा रही है।

डिजिटल चुनौती को बनाया अवसर

इस ऐप की खूबी यह है कि इसे बुज़ुर्गों की मानसिकता और जरूरतों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। इंटरफेस सरल और भावनात्मक रूप से जुड़ाव बढ़ाने वाला है। बुज़ुर्ग खुद से सेवाएं बुक कर सकते हैं, SOS बटन दबा सकते हैं, कम्युनिटी से जुड़ सकते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास पैदा होता है। “हमारा मकसद है टेक्नोलॉजी को ऐसा माध्यम बनाना जो सम्मान, आज़ादी और खुशी बढ़ाए।”

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