GPT-Rosalind (Source. OpenAI) 
टेक्नॉलजी

अब AI ढूंढेगा नई दवाएं, बीमारी का इलाज होगा तुरंत? जानिए GPT-Rosalind क्या है

What is GPT-Rosalind: OpenAI ने एक नया और खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल लॉन्च किया है, जिसका नाम GPT-Rosalind रखा गया है। इस मॉडल का मकसद दवाओं की खोज यानी ड्रग डिस्कवरी को तेज करना है।

सिमरन सिंह

Healthcare AI Technology: OpenAI ने एक नया और खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल लॉन्च किया है, जिसका नाम GPT-Rosalind रखा गया है। इस मॉडल का मकसद दवाओं की खोज यानी ड्रग डिस्कवरी को तेज करना है। माना जा रहा है कि यह तकनीक आने वाले समय में मेडिकल रिसर्च को नई रफ्तार दे सकती है।

बीमारियों के इलाज में आएगा बड़ा बदलाव

टेक कंपनियों के बीच हेल्थकेयर और साइंस सेक्टर को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। GPT-Rosalind के जरिए वैज्ञानिक उन बीमारियों पर तेजी से काम कर पाएंगे, जिन पर लंबे समय से रिसर्च चल रही है। यह मॉडल भविष्य में नई दवाओं की खोज को आसान और तेज बना सकता है।

लाइफ साइंसेज के लिए खास डिजाइन

OpenAI ने इस मॉडल को खासतौर पर लाइफ साइंसेज रिसर्च के लिए तैयार किया है। इसे हाल ही में लॉन्च किया गया और फिलहाल इसका शुरुआती वर्जन रिसर्च प्रीव्यू के तौर पर कुछ चुनिंदा बिजनेस ग्राहकों को दिया जा रहा है।

कैसे काम करेगा GPT-Rosalind?

GPT-Rosalind बड़े डेटा से जरूरी जानकारी निकालने में सक्षम है। यह वैज्ञानिक स्टडीज को समझकर उन्हें हेल्थकेयर एप्लीकेशन में बदलने में मदद करेगा। यानी लैब में हुई रिसर्च को सीधे मरीजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया अब तेज हो सकती है।

ये बड़ी कंपनियां कर रहीं इस्तेमाल

इस AI मॉडल के शुरुआती यूजर्स में कई बड़ी कंपनियां और संस्थाएं शामिल हैं। इनमें Amgen Inc., Moderna Inc. और Allen Institute जैसे नाम शामिल हैं। ये संस्थाएं इस तकनीक का उपयोग नई दवाओं और वैक्सीन रिसर्च में कर रही हैं।

AI की रेस में तेज हुई टक्कर

AI सेक्टर में अब प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है। OpenAI के साथ-साथ Anthropic और Google भी ऐसे एडवांस्ड मॉडल बना रही हैं, जो कोडिंग, साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे कई काम एक साथ कर सकें। इनका उद्देश्य कंपनियों का समय और लागत दोनों कम करना है।

Google की बड़ी उपलब्धि भी चर्चा में

AI के मेडिकल उपयोग की बात करें तो Google DeepMind पहले ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुका है। साल 2024 में इसके वैज्ञानिकों को केमिस्ट्री में नोबेल पुरस्कार मिला था, जो AlphaFold सिस्टम के लिए दिया गया था। यह सिस्टम प्रोटीन की संरचना का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम है।

इलाज की दुनिया बदलने वाली तकनीक

GPT-Rosalind जैसे AI मॉडल भविष्य में हेल्थकेयर सेक्टर में क्रांति ला सकते हैं। इससे नई दवाओं की खोज तेज होगी और मरीजों को जल्दी इलाज मिल सकेगा।

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