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महाराष्ट्र हिंसा पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने तोड़ी चुप्पी, कहा- जो हुआ वह सही नहीं था

रवि शुक्ला

नागपुर: त्रिपुरा में अक्टूबर महीने में हुई घटना को लेकर महाराष्ट्र में हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। दो दिवसीय नागपुर दौरे पर पहुंचे पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "त्रिपुरा मुद्दे पर महाराष्ट्र में देखी गई प्रतिक्रिया, जिस दौरान कुछ लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया, वह सही नहीं था।"

एनसीपी नेता ने कहा, "इसका विरोध करने के लिए कुछ लोग सड़कों पर उतर आए। यह भी ठीक नहीं था। राजनीतिक दलों की ओर से ऐसी चीजों का समर्थन करना गलत है।"

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ज्ञात हो कि, त्रिपुरा में हुई कथित झूठी खबर को लेकर महाराष्ट्र में मुस्लिम संगठनों ने बंद बुलाया था। इस बंद के दौरान नांदेड़, नाशिक के मालेगांव और अमरावती में जम कर हिंसा हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान जमकर तोड़फोड़ की थी। इस हिंसा में करीब 15 पुलिस वाले सहित 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। वहीं 20 से ज्यादा दुकानों और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था।

मुस्लिम संगठनों द्वारा बुलाए इस बंद में हुई हिंसा के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने अमरावती बंद बुलाया था। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और लोग झंडे लेकर सड़कों पर उतर गए थे। भाजपा के बुलाये इस बंद के दौरान भी हिंसा हुई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर तलवारों और हथियारों से हमला करने का आरोप भी लगाया था।  

भाजपा की रैली में हुई हिंसा को लेकर महाराष्ट्र पुलिस ने पूर्व कृषि मंत्री और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव अनिल बोंडे, अमरावती महापौर चेतन गावंडे, जिला भाजपा अध्यक्ष निवेदिता चौधरी सहित 188 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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