First Asian Games Shooting Gold Medalist Randhir Singh: भारत के खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अनुभवी खेल प्रशासक और एशियाई खेलों में भारत के पहले शूटिंग स्वर्ण पदक विजेता रणधीर सिंह का बुधवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझते हुए उनका निधन हो गया। इसके साथ ही देश के खेल जगत में एक युग का अंत हो गया, जिस पर उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में अपनी अमिट छाप छोड़ी थी।
रणधीर सिंह 79 वर्ष के थे और अपने आवास पर अंतिम सांस लेने से पहले कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। राजा रणधीर सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1956 को पटियाला के एक राजघराने में हुआ था। उन्होंने 1978 में बैंकॉक में एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था।
उनके परिवार में उनकी पत्नी विनीता और तीन बेटियां हैं, महिमा, सुनैना और राजेश्वरी, जो खुद भी एक शूटर हैं। रणधीर सिंह के तरह ही उनकी बेटी ने भी 2022 में भी एशियन खेलों में रजत पदक हासिल किया था। उनके परिवार के कई सदस्य दुनिया में भारत को रिप्रेजेंट कर चुके है।
रणधीर सिंह ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें 2024 में चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था, जबकि वे इससे पहले 1991 से 2015 तक इस संस्था में महासचिव के रूप में भी सेवा दे चुके थे।
नेशनल राइफल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, "गहरे दुख के साथ, हम राजा रणधीर सिंह के निधन की दुखद खबर साझा कर रहे हैं, जो आज, 27 मई 2026 को स्वर्ग सिधार गए।"
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रणधीर सिंह ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके अलावा उन्होंने 5 ओलिंपिक गेम्स और एक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। 1979 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।