Rs 50 Lakh Financial Support To Gujrat Athletes: गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने बुधवार को गांधीनगर में खिलाड़ियों के लिए 'शक्तिदूत 2.0' योजना लॉन्च की। इस योजना का मकसद राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और जरूरी सुविधाओं के लिए सीधे आर्थिक मदद देना है। सरकार ने अगले 10 साल में गुजरात के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता दिलाने का लक्ष्य रखा है।
रमशे गुजरात, जित्शे गुजरात पहल के तहत महात्मा मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत की गई। इस मौके पर राज्य में 388 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले करीब 37 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी और दूसरी खेल सुविधाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।
शक्तिदूत 2.0 के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाली ट्रेनिंग सहायता में बड़ा बदलाव किया गया है। अब एक खिलाड़ी को वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग के लिए सालाना 50 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है।
ये रकम औसतन हर महीने करीब 4.25 लाख रुपये के बराबर होगी। सरकार का मानना है कि इस आर्थिक मदद से खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, ट्रेनिंग, यात्रा और दूसरी जरूरी तैयारियों में मदद मिलेगी।
इस योजना में पैरा-एथलीटों के लिए भी खास प्रावधान किया गया है। कुल 500 खिलाड़ियों को सीधे इस योजना का फायदा मिलेगा, जिसमें 50 सीटें पैरा-एथलीटों के लिए रखी गई हैं। पहले 'शक्तिदूत' योजना के तहत सिर्फ 64 एथलीटों को मदद मिलती थी, लेकिन अब इसका दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।
खिलाड़ी पूरे साल एक पोर्टल के जरिए इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन और जीते गए पदकों के आधार पर किया जाएगा। यानी जिन खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर होगा, उन्हें इस योजना के तहत आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य सरकार युवा खिलाड़ियों को उनके खेल के लक्ष्य हासिल करने के लिए हर जरूरी मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू की गई शक्तिदूत 2.0 गुजरात के खिलाड़ियों को मजबूत मंच देगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 10 साल में राज्य के खिलाड़ी देश और गुजरात का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें।
उन्होंने ये भी बताया कि साल 2015 में शुरू हुई शक्तिदूत योजना के तहत अब तक 1,740 एथलीटों की मदद की जा चुकी है। इनमें 777 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग खेलों में देश के लिए पदक जीते हैं।
कार्यक्रम के दौरान खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले कुल 799 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया। इन खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार, सरदार पटेल पुरस्कार और जयदीपसिंहजी पुरस्कार दिए गए। सरकार ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देते हुए उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
गुजरात सरकार खेलों के साथ-साथ खिलाड़ियों की चोट और रिकवरी पर भी ध्यान देने की तैयारी कर रही है। हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात में देश की नंबर-1 स्पोर्ट्स साइंस, मेडिसिन और रिकवरी सुविधा बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे चोटिल खिलाड़ियों को बेहतर इलाज और जल्दी फिट होने में मदद मिलेगी।
शक्तिदूत 2.0 के जरिए गुजरात सरकार अब ज्यादा खिलाड़ियों तक सीधे मदद पहुंचाने की तैयारी में है। सालाना 50 लाख रुपये तक की ट्रेनिंग सहायता और पैरा-एथलीटों के लिए अलग प्रावधान से राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी करने का बेहतर मौका मिल सकता है। अब देखना होगा कि इस योजना से आने वाले वर्षों में गुजरात कितने नए चैंपियन तैयार कर पाता है।