मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खिलाड़ी  (सोर्स- सोशल मीडिया)
खेल

खेलों में राजस्थान की नई उड़ान, जयपुर में 101 करोड़ की लागत से बनेगी महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी

CM Bhajanlal Sharma Statement: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 101 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की है।

सृष्टि मौर्य

Rajathan Sports University Announcement: राजस्थान के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की। जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और राजस्थान को देश के प्रमुख खेल राज्यों में शामिल करने के लिए लगातार काम कर रही है।

खिलाड़ियों को बढ़ाया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने अरुंधति चौधरी, यशवीर सिंह, राहुल शर्मा, मोना अग्रवाल और संध्या बिश्नोई जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपने अनुशासन और मेहनत से राजस्थान का नाम रोशन किया है। साथ ही, खिलाड़ियों के कोच और परिवारों के योगदान को भी अहम बताया।

भजनलाल शर्मा ने बताया कि अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता है। यशवीर सिंह ने जैवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज, राहुल शर्मा ने शूटिंग पैरा वर्ल्ड कप में गोल्ड, मोना अग्रवाल ने शूटिंग पैरा वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज और संध्या बिश्नोई ने अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया है।

खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं देना उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के जरिए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, खेल उपकरण, मेडिकल सुविधाएं और आर्थिक मदद मिल रही है। वहीं राजस्थान सरकार भी खेल सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। राज्य में 3,540 खिलाड़ियों के लिए 52 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन और आर्थिक मदद को मंजूरी दी गई है, जबकि 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है।

राजस्थान की सफल मेजबानी

राजस्थान ने 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025' की भी सफल मेजबानी की थी। इन खेलों में सात शहरों में 222 यूनिवर्सिटी के करीब 7,000 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। राजस्थान के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में 60 मेडल जीते और राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक में भी राज्य का नाम ऊंचा किया है। सरकार ने खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम शुरू की है और खेल उपकरणों पर 18 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा राज्य में 50 'खेलो इंडिया सेंटर' बनाए जा रहे हैं।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तयारी

जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बॉक्सिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी तैयार किया जा रहा है। वहीं, 'राजस्थान युवा नीति-2026' के तहत शिक्षा, कौशल विकास, खेल और नेतृत्व के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

एक जिला-एक खेल योजना के तहत हर जिले में खास खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही ओलंपिक की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के लिए 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' शुरू की गई है। 'खेलो राजस्थान यूथ गेम्स' के जरिए पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ जमीनी स्तर पर नई प्रतिभाओं की पहचान करने की योजना है।

विजेता खिलाड़ियों को दिया नकद पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन योजनाओं से राजस्थान आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े खेल केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें प्रशस्ति-पत्र व नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अरुंधति चौधरी को 1 करोड़ रुपये और यशवीर सिंह को 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा अन्य खिलाड़ियों के लिए भी पुरस्कारों की घोषणा की गई।

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