यशस्वी जायसवाल (सौजन्यः एक्स)  
क्रिकेट

'ऐसी पारियां मुझे बनाएंगी मजबूत', बांग्लादेश के खिलाफ पचासा जड़ने के बाद बोले यशस्वी जायसवाल

बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट में भारत की पारी शुरुआत में लड़खड़ा गई थी, लेकिन टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने जिस तरह क्रीज पर डट कर भारत की पारी संभाली वह काबिल-ए-तारीफ रहा। जिसके बाद अब खुद जायसवाल ने अपनी शानदार पारी के बारे में बात की है।

मृणाल पाठक

चेन्नई: बांग्लादेश के खिलाफ भारत के दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज हो गया है। जहां पहले दिन का खेल भारत की पारी के 339 रन पर खत्म हुआ। भारत की पारी शुरुआत में लड़खड़ा गई थी, लेकिन टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने जिस तरह क्रीज पर डट कर भारत की पारी संभाली वह काबिल-ए-तारीफ रहा। जिसके बाद अब खुद जायसवाल ने अपनी शानदार पारी के बारे में बात की है।

बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजी के अनुकूल हालात में 56 रन की पारी खेलने के बाद जायसवाल ने कहा कि इस तरह का अनुभव उन्हें मजबूत और भविष्य में सभी परिस्थितियों में खेलने वाला खिलाड़ी बनाएगा। सलामी बल्लेबाज जायसवाल के अर्धशतक और बाएं हाथ के साथी बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ उनकी 62 रन की साझेदारी से भारत ने 10 ओवर के भीतर 34 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद अपनी स्थिति में सुधार किया।

जायसवाल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में वहां जाकर खेलना शानदार था। इससे मैं मजबूत बनूंगा और मैं इससे सीखूंगा कि इन सभी परिस्थितियों में कैसे खेलना है और अपनी पारी की योजना कैसे बनानी है।''

उन्होंने कहा, ‘‘मैं टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी करने की कोशिश करता हूं और उसी के हिसाब से अपने खेल में बदलाव करता रहता हूं। अगर शुरुआत में विकेट गिर जाएं तो मैं कैसे बल्लेबाजी कर सकता हूं? जब रन बन रहे हों तो मैं कैसे बल्लेबाजी कर सकता हूं?''

जायसवाल ने माना कि शुरुआती कुछ सत्र में गेंदबाजों को कुछ मदद मिली जिससे भारतीय बल्लेबाजों को सतर्क रुख अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि शुरू में गेंद थोड़ी मूव कर रही थी और थोड़ी सीम कर रही थी और कम उछाल था इसलिए हमने अपना समय लिया। लेकिन अगर आप आखिरी सत्र को देखें तो हमने काफी अच्छा स्कोर किया और मुझे लगता है कि हम इस समय अच्छी स्थिति में हैं।''

बाइस वर्षीय जायसवाल ने कहा कि वह और पंत रन बनाने के लिए ढीली गेंदों का इंतजार कर रहे थे क्योंकि उस समय बांग्लादेश के गेंदबाजों का पलड़ा भारी था। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि शुरुआत में विकेट से थोड़ी मदद मिल रही थी और अगर आप मौसम को देखें तो थोड़े बादल छाए हुए थे लेकिन हम सुरक्षित खेलकर उस दौर से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।''

जायसवाल ने कहा कि चार विकेट लेने वाले हसन महमूद अच्छी लाइन पर टिके रहे और वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ पैरों का अच्छा इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उन्होंने निश्चित रूप से अच्छी गेंदबाजी की लेकिन कई बार उन्होंने ढीली गेंदें भी फेंकी जिन पर हमने रन बनाए। हम बस इस बारे में बात कर रहे थे कि हम अपने पैरों का कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।''

इस सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘हम यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि रन बनाने के लिए कोई ढीली गेंद है या नहीं। हम साझेदारी बनाने और जितना हो सके उतना लंबा खेलने की कोशिश कर रहे थे।''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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