आर्यवीर सहवाग ने नेपाल के खिलाफ खेली 70 रन की नाबाद पारी
कप्तान लक्ष्य रायचंदानी के साथ आर्यवीर ने भारत को 10 विकेट से दिलाई जीत
भारत ने 129 रन का लक्ष्य महज 19.1 ओवर में बिना विकेट गंवाए किया हासिल
Virender Sehwag Son Aryaveer Cricket Career: भारत के लिए जब भी विस्फोटक बल्लेबाजी की बात होती है तो वीरेंद्र सहवाग का नाम याद आता है। सामने कोई भी टीम हो जब सहवाग का बल्ला चलता था दो बड़े से बड़े गेंदबाज का पसीना छूट जाता था। अब सहवाग का पिच पर खेलने का समय तो चला गया लेकिन जूनियर सहवाग अब अपने पिता के पदचिन्हों पर चल पड़े हैं। जी हां हम बात कर रहे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग का। आर्यवीर इन दिनों अपनी दमदार बैटिंग के कारण सुर्खियां बटोर रहे हैं।
ओमान में खेले जा रहे अंडर-19 एशिया कप में आर्यवीर ने नेपाल के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 रन की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी और कप्तान लक्ष्य रायचंदानी के अर्धशतक की बदौलत भारत ने नेपाल को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी। खास बात यह रही कि भारतीय टीम ने 129 रनों का लक्ष्य बिना कोई विकेट गंवाए महज 19.1 ओवर में हासिल कर लिया।
अंडर-19 एशिया कप के इस मुकाबले में नेपाल ने पहले बल्लेबाजी की और भारत के सामने 129 रनों का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को आर्यवीर सहवाग और कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने शानदार शुरुआत दिलाई।
आर्यवीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 70 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 134 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और तेजी से रन बनाने की क्षमता देखने को मिली।
आर्यवीर सहवाग को दूसरे छोर से कप्तान लक्ष्य रायचंदानी का बेहतरीन साथ मिला। लक्ष्य ने 53 रन की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली।
दोनों बल्लेबाजों ने नेपाल के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। आर्यवीर और लक्ष्य के बीच हुई शानदार साझेदारी की बदौलत भारत ने 19.1 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।
आर्यवीर सहवाग पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बेटे हैं। वीरेंद्र सहवाग को दुनिया के सबसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से टेस्ट और वनडे क्रिकेट में कई यादगार रिकॉर्ड बनाए।
आर्यवीर भी क्रिकेट की दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। अंडर-19 क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर बनी हुई है। नेपाल के खिलाफ उनकी 70 रन की पारी ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।
वीरेंद्र सहवाग की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी पहचान थी कि वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते थे। वह बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते थे और तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते थे।
आर्यवीर की नेपाल के खिलाफ पारी में भी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक देखने को मिली। 134 की स्ट्राइक रेट से 70 रन बनाना बताता है कि वह तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, पिता से तुलना के बजाय आर्यवीर के लिए अपनी अलग पहचान बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
अंडर-19 एशिया कप जैसे टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देते हैं। नेपाल के खिलाफ 10 विकेट से जीत भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।
इस मुकाबले में आर्यवीर और लक्ष्य की सलामी जोड़ी ने जिस तरह लक्ष्य का पीछा किया, उससे टीम की बल्लेबाजी क्षमता सामने आई। अब प्रशंसकों की नजरें आर्यवीर के आगामी मुकाबलों पर रहेंगी।