वैभव सूर्यवंशी (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के दिवाने बन गए कोहली के कोच, कहा- वो डेब्यू के हकदार हैं

Vaibhav Sooryavanshi: आयरलैंड सीरीज से पहले विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के बयान ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर उत्साह बढ़ा दिया है। अब सब की नजर उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी हैं।

संजय सिंह बिष्ट

Rajkumar Sharma on Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस युवा खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह हैं 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी। आईपीएल 2026 और इंडिया ए के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बेहद करीब हैं। आयरलैंड दौरे पर उनके संभावित डेब्यू को लेकर क्रिकेट जगत में उत्साह का माहौल है।

इसी बीच विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने भी युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ की है। उनका मानना है कि वैभव ने अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाने का पूरा अधिकार हासिल किया है और आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।

राजकुमार शर्मा ने वैभव की बल्लेबाजी क्षमता की सराहना करते हुए कहा, "वैभव सूर्यवंशी की ये शानदार उपलब्धि है। उसमें अनोखा टैलेंट है। उसने जिस तरह वर्ल्ड के सभी बेस्ट बॉलर्स की पिटाई की है, वो डेब्यू डिजर्व करता है। मैं उसके लिए खुश हूं और उसको शुभकामनाएं देता हूं।" पिछले कुछ महीनों में वैभव ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने चयनकर्ताओं से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक सभी को प्रभावित किया है। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 776 रन बनाए, जबकि श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय ए सीरीज के फाइनल में महज 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

ओपनिंग स्लॉट को लेकर बढ़ी प्रतिस्पर्धा

भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग स्लॉट को लेकर इस समय कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी पहले से ही अपनी दावेदारी मजबूत कर चुके हैं। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी की एंट्री चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए एक नई चुनौती बन सकती है। राजकुमार शर्मा का मानना है कि मौजूदा दौर में लगभग हर बल्लेबाज टी20 क्रिकेट में ओपनिंग करना चाहता है, क्योंकि इससे ज्यादा गेंदें खेलने और बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिलता है।

इस विषय पर उन्होंने कहा, "टी20 क्रिकेट में सब लोग ओपनिंग करना चाहते हैं ताकि ज्यादा गेंदें खेलने को मिले। इंडियन टीम की बात करें या लोकल क्रिकेट को देखें, तो सब लोग टी20 का नाम आते ही कहते हैं कि वो ओपन करते हैं। कप्तान और कोच के लिए यह एक सिरदर्द है। मेरा मानना है कि रोटेट करते रहना पड़ेगा, ताकि सबको मौका मिल सके।" उनके अनुसार टीम संयोजन को संतुलित रखना आने वाले समय में भारतीय टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।

वैभव की सफलता से बदली सोच

राजकुमार शर्मा ने एक दिलचस्प अनुभव साझा करते हुए बताया कि वैभव सूर्यवंशी की सफलता का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां माता-पिता बच्चों को थोड़ी बड़ी उम्र में क्रिकेट अकादमी भेजते थे, वहीं अब बहुत कम उम्र के बच्चों का दाखिला कराने की होड़ मची हुई है। कई अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे भी वैभव की तरह कम उम्र में बड़ी पहचान हासिल करें।

उन्होंने कहा, "बहुत छोटे बच्चे आने लगे हैं और उनके माता-पिता एडमिशन दिलाना चाहते हैं। मेरे यहां पांच साल के बच्चे को एडमिशन दिलाने आए, तो मैंने कहा कि अभी बहुत छोटा है और आप ही इसके साथ खेलिए। जब आठ साल का हो तब इसे कोचिंग में डालिए, तो इस पर उन्होंने कहा कि यदि आठ साल में एडमिशन कराएंगे तो वो वैभव सूर्यवंशी जैसा कैसे बनेगा। लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

एक युवा खिलाड़ी ने इतना अच्छा किया है। ऐसे प्लेयर पीढ़ी में एक बार पैदा होते हैं।" वैभव की उपलब्धियों ने न केवल क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया है, बल्कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।

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