खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र का बहिष्कार किया (सौजन्यः सोशल मीडिया)  
क्रिकेट

मैच फीस न मिलने से तंग आए खिलाड़ी, प्रैक्टिस सेशन छोड़कर वापस लौटी पूरी टीम, जानिए क्या है पूरा मामला

दरबार राजशाही के खिलाड़ियों ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने चटगांव में प्रैक्टिस करने से इनकार कर दिया। यह मामला टीम के स्थानीय यानी बांग्लादेशी खिलाड़ियों से जुड़ा है।

मृणाल पाठक

स्पोर्ट्स डेस्क: वैसे तो बहुत कम सुनने मिलता है कि क्रिकेट में खिलाड़ियों को पैसे नहीं मिले, लेकिन बांग्लादेश से आई एक खबर ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग को बदनाम कर दिया है। इस लीग में खेलने वाली टीम दरबार राजशाही ने अपने खिलाड़ियों को पैसे ही नहीं दिए, जिसकी वजह से प्लेयर्स ने प्रैक्टिस सेशन को ही बॉयकॉट कर दिया।

दरबार राजशाही के खिलाड़ियों ने चटगांव में प्रैक्टिस करने से इनकार कर दिया। यह मामला टीम के स्थानीय यानी बांग्लादेशी खिलाड़ियों से जुड़ा है। उनका कहना है कि उन्होंने प्रैक्टिस सेशन छोड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि दरबार राजशाही के मालिक बार-बार उनकी मैच फीस को बाद की तारीख पर टाल रहे थे। दरबार राजशाही के स्थानीय खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी टीम प्रबंधन को दी। इसके बाद टीम प्रबंधन ने मीडिया को बताया कि आज टीम का आराम का दिन है। यह पूरा वाकया सोमवार को हुआ।

बताया जा रहा है कि प्रबंधन पिछले दो हफ्ते से खिलाड़ियों की मैच फीस टाल रहा था। वहीं, टीम के विदेशी खिलाड़ियों को 6 जनवरी को फॉर्च्यून बारिशाल के खिलाफ खेले गए टीम के चौथे मैच के बाद ही उनकी 25 प्रतिशत मैच फीस दे दी गई है। टीम के स्थानीय खिलाड़ियों की हरकत के बाद अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष फारूक अहमद ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने दरबार राजशाही के मालिक और टीम के कप्तान से बात करने से पहले बोर्ड के निदेशकों से इस बारे में चर्चा की।

बोर्ड के निदेशक मंजूर आलम ने मीडिया को बताया कि वह बीसीबी अध्यक्ष की ओर से बात कर रहे हैं। बीसीबी अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर जूम पर एक बैठक बुलाई, जिसमें सभी की राय पूछी गई। उन्होंने बताया कि बोर्ड अध्यक्ष ने टीम के खिलाड़ियों, उनके कप्तान और टीम के मालिक से भी बात की। अंत में समाधान यह निकला कि हम इस मामले को जल्द ही सुलझा लेंगे।

ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार दरबार राजशाही के स्थानीय खिलाड़ियों का चेक 9 जनवरी को बाउंस हो गया। इसके बाद खिलाड़ियों ने 10 जनवरी को खुलना टाइगर्स के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया। हालांकि टीम के मालिक शफीक रहमान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह 14 जनवरी को उनका भुगतान कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इतना ही नहीं राजशाही के खिलाड़ियों को 5 से 11 जनवरी के बीच अपने दैनिक खर्च के लिए भी पैसे नहीं मिले। इस दौरान उन्हें अपने खर्च पर ही गुजारा करना पड़ा। दरबार राजशाही को अपना अगला मैच 17 जनवरी को सिलहट स्ट्राइकर्स के साथ खेलना है।

ये भी खबर है कि खिलाड़ियों ने ये फैसला लिया है कि वह तब ही इसमें खेलेंगे जब उन्हें 50 प्रतिशत भुगतान होगा। बीपीएल गवर्निंग काउंसिल द्वारा तय भुगतान सीमा के अनुसार टीम मालिकों को टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को 50 प्रतिशत, टूर्नामेंट के दौरान 25 प्रतिशत और टूर्नामेंट के बाद बाकी 25 प्रतिशत भुगतान करना होता है।

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