ललित मोदी और काव्या मारन (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

काव्या मारन के बचाव में आए ललित मोदी, अबरार अहमद को लेकर हो रही थी ट्रोलिंग, कहा- मुझे कॉल करो फिर...

Abrar Ahmed Row: काव्या मारन की टीम ने द हंड्रेड में पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज अबरार अहमद को खरीदा, जिस पर भारत में विरोध हुआ। ललित मोदी ने मदद की पेशकश की।

संजय सिंह बिष्ट

The Hundred Auction Controversy: इंग्लैंड की चर्चित क्रिकेट लीग द हंड्रेड में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स के इस फैसले पर भारत में सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। खासकर इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि भारतीय कनेक्शन वाली टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को क्यों चुना।

काव्या मारन पर बढ़ा दबाव

इस पूरे मामले में फ्रेंचाइजी की सह-मालकिन काव्या मारन को सीधे तौर पर निशाने पर लिया गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस फैसले की आलोचना की और आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के बहिष्कार की मांग तक उठाई। इतना ही नहीं, टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी के बयान ने भी विवाद को और हवा दी, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके रडार पर एक और पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक भी थे।

सुनील गावस्कर की तीखी टिप्पणी

इस मुद्दे पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने कॉलम में कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को फीस के रूप में पैसा देना भारतीयों की मौत में योगदान देने जैसा है। उनके इस बयान के बाद यह विवाद और ज्यादा गहरा गया और बहस तेज हो गई।

ललित मोदी ने की मदद की पेशकश

विवाद के बीच आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने काव्या मारन को इस स्थिति से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्हें सीधे कॉल करने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि ""जब फेंस में पहले से ही आक्रोश हो तब पाकिस्तानी खिलाड़ी पर 2.34 करोड़ रुपये निवेश करना? मैं धारणाओं के संभालने और साम्राज्य बनाने के बारे में एक या दो चीजें जानता हूं। मुझे कॉल कीजिए।"

ECB का सख्त रुख

नीलामी से पहले ही इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सभी फ्रेंचाइजियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि खिलाड़ियों का चयन केवल मेरिट और प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए। किसी भी तरह के भेदभाव पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

मेरिट के आधार पर चयन का दावा

बाद में लीग की सभी फ्रेंचाइजियों ने बयान जारी कर कहा कि खिलाड़ी चयन पूरी तरह क्रिकेटिंग स्किल और प्रदर्शन को ध्यान में रखकर किया गया है। बावजूद इसके, यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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