Syed Mushtaq Ali Trophy 2025,: तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी फिलहाल भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उनका आत्मविश्वास और गेंदबाजी की धार अब भी वैसी ही नजर आ रही है। चयनकर्ता भले ही उन्हें किसी भी फॉर्मेट में मौका न दे रहे हों, लेकिन शमी मैदान पर अपने प्रदर्शन से हर बार मजबूत संदेश दे रहे हैं। इस समय वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मोहम्मद शमी ने हरियाणा के खिलाफ बंगाल के लिए बेहतरीन गेंदबाजी की। शमी ने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल 30 रन खर्च करते हुए चार अहम विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और अनुभव के आगे हरियाणा के बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं पाए।
इस मुकाबले में शमी ने यशवर्धन दलाल, सुमित कुमार, आशीष सिवाच और अमित राणा को अपना शिकार बनाया। उनकी गेंदों में धार और स्विंग साफ दिखाई दे रही थी, जिसने मैच का रुख बंगाल के पक्ष में मोड़ दिया। शमी का यह प्रदर्शन टूर्नामेंट के अब तक के सबसे प्रभावशाली स्पेल में गिना जा रहा है।
मोहम्मद शमी अब तक सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 7 मैचों में 16 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। वह बंगाल के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं और हर मैच में टीम के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन यह साफ दिखाता है कि शमी अब भी टीम इंडिया के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला खेला था। इसके बाद से उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिल सकी है। हालांकि घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन से यह सवाल जरूर खड़ा हो रहा है कि उन्हें लगातार नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है।
35 वर्षीय मोहम्मद शमी भारत के लिए अब तक 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं। टेस्ट में उनके नाम 229 विकेट, वनडे में 206 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 27 विकेट दर्ज हैं। आईपीएल में शमी 120 मैचों में 133 विकेट ले चुके हैं।
मोहम्मद शमी को सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन से पहले रिटेन किया है। यह उनके अनुभव और निरंतर प्रदर्शन पर भरोसे का संकेत है। अगर शमी इसी तरह घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजी करते रहे, तो टीम इंडिया में उनकी वापसी की उम्मीद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।