Sreesanth Mathrubhumi Harbhajan Singh slap Interview: आईपीएल 2008 के चर्चित ‘स्लैपगेट’ विवाद की गूंज एक बार फिर सुनाई दे रही है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने हरभजन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस घटना ने आईपीएल के पहले सीजन को विवादों में डाला था, उसे अब व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल ही में एक विज्ञापन में उस घटना का जिक्र किया गया, जिससे श्रीसंत नाराज हो गए।
श्रीसंत का कहना है कि समय के साथ दोनों के बीच तनाव कम हो गया था, लेकिन उस घटना को फिर से सामने लाकर उससे कमाई करना उन्हें ठीक नहीं लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विज्ञापन से बड़ी रकम कमाई गई और उन्हें भी इसे प्रमोट करने के लिए कहा गया, जिसे उन्होंने साफ मना कर दिया। श्रीसंत ने कहा- 'मैंने कभी किसी इंटरव्यू में भज्जी के बारे में बात नहीं की। यह पहली बार है।' 'हाल तक कोई समस्या नहीं थी, लेकिन उसने फिर से उस घटना पर एक विज्ञापन बना दिया। उसने उससे करीब 80 लाख से 1 करोड़ रुपये कमाए। उसने मुझे कॉल किया और कहा कि मैं उस पर एक स्टोरी डालूं। मैंने उसे कहा, “मैं माफ कर सकता हूं, लेकिन कभी भूल नहीं सकता।”
यह मामला आईपीएल 2008 के दौरान सामने आया था, जब मैच के बाद हरभजन सिंह और श्रीसंत के बीच विवाद हुआ था। इस घटना के बाद श्रीसंत की भावुक तस्वीरें सामने आई थीं, जिसने पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी थी। इसके चलते हरभजन सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें टूर्नामेंट से निलंबित कर दिया गया था।
श्रीसंत ने साफ कहा कि अब उनका हरभजन सिंह से कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले वह उन्हें भाई मानते थे, लेकिन हाल की घटनाओं के बाद उन्होंने उनसे दूरी बना ली है। 'उस व्यक्ति से मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मैं उसे भाई कहता था। लेकिन पिछले 1-2 महीने में उसने वह विज्ञापन किया और अब मैंने उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है।'
ये भी पढ़ें: दिल्ली के स्क्वाड में शामिल हुए मिचेल स्टार्क, पर पंजाब के खिलाफ मैच से बाहर; ये है बड़ी वजह
श्रीसंत ने यह भी कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया है कि गलतियों को माफ करना चाहिए, लेकिन भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके अनुसार सार्वजनिक छवि और असलियत में फर्क हो सकता है। उन्होंने कहा कि 'मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया है कि माफ करो, लेकिन भूलो नहीं। मुझे उससे कोई शिकायत नहीं है, न ही मुझे उसकी जरूरत है। भगवान उसे और उसके परिवार को खुश रखे।'