Sourav Ganguly Clarified Tickets Distribution Process: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने गुरुवार को वर्ल्ड कप के टिकटों को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कॉम्प्लिमेंट्री यानी मुफ्त टिकट पेड टिकटों से अलग होते हैं। ये टिकट आईसीसी और बीसीसीआई की गाइडलाइन के अनुसार अलग-अलग लोगों और संस्थाओं को दिए जाते हैं।
कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांगुली ने कहा कि वर्ल्ड कप की मेजबानी करने वाले सभी राज्य क्रिकेट संघों को आईसीसी और बीसीसीआई की ओर से स्टेडियम एग्रीमेंट दिया जाता है। मेजबान संघों को इन्हीं नियमों के अनुसार टिकटों का प्रबंधन करना होता है।
गांगुली ने बताया कि स्टेडियम एग्रीमेंट में साफ लिखा है कि लाइफ मेंबर, ऑनरेरी मेंबर या किसी अन्य सदस्य को टिकट के लिए विशेष प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। ऐसे सदस्यों को भी आम लोगों की तरह तय ऑनलाइन या आधिकारिक माध्यम से टिकट खरीदना होता है और टिकट पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉम्प्लिमेंट्री टिकट को लेकर भी गलतफहमी है। कैब पिछले करीब 30 साल से अपने संबद्ध क्लबों, जिलों और विश्वविद्यालयों के जरिए टिकट बांटने की प्रक्रिया का पालन करता रहा है। अलग-अलग श्रेणी के सदस्यों के लिए तय कोटा भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
सौरव गांगुली ने बताया कि कैब के पास कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने की पुरानी व्यवस्था है। लेकिन वर्ल्ड कप के दौरान आईसीसी और बीसीसीआई की अलग और सख्त गाइडलाइन लागू होती है। इसलिए वर्ल्ड कप मैचों में टिकट वितरण उसी व्यवस्था के तहत किया जाता है।
बुकमायशो को लेकर भी गांगुली ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बुकमायशो कैब की एजेंसी नहीं है, बल्कि बीसीसीआई की ओर से सभी राज्य क्रिकेट संघों के लिए नियुक्त केंद्रीय टिकटिंग एजेंसी है। ये एजेंसी बीसीसीआई और आईसीसी के निर्देशों के तहत टिकटों की बिक्री और वितरण संभालती है।
गांगुली ने कहा कि वर्ल्ड कप के दौरान टिकटों को लेकर कैब ने अपनी तरफ से कोई अलग व्यवस्था नहीं बनाई है। राज्य संघ आईसीसी और बीसीसीआई की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार ही टिकटों का प्रबंधन करता है।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि टिकटों को लेकर चल रही मनगढ़ंत खबरों से बचा जाए और पूरे मामले को आईसीसी और बीसीसीआई की तय गाइडलाइन के आधार पर देखा जाए।