IND W vs SA W: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। वनडे विश्व कप 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के दौरान उन्होंने 23 रनों की पारी खेली, लेकिन इस छोटी सी पारी के साथ ही उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। स्मृति अब एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गई हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज क्रिकेटर मेलिंडा क्लार्क का 27 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो 1997 से अब तक कायम था।
क्लार्क ने साल 1997 में 16 मैचों की 14 पारियों में 80.83 की शानदार औसत से 970 रन बनाए थे। उनके बल्ले से उस दौरान तीन शतक और चार अर्धशतक निकले थे। वहीं, स्मृति मंधाना ने साल 2025 में अब तक 17 पारियों में 982 रन बनाकर नया इतिहास रच दिया है। इस दौरान उन्होंने चार शतक और तीन अर्धशतक अपने नाम किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि आज तक मेलिंडा क्लार्क और स्मृति मंधाना के अलावा कोई भी महिला बल्लेबाज एक कैलेंडर वर्ष में 900 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। यह उपलब्धि उन्हें महिला वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली बल्लेबाजों में शुमार करती है।
स्मृति मंधाना का अब तक का वनडे करियर भी बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अपने करियर में 111 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके बल्ले से 48 की औसत से 4,900 से अधिक रन निकले हैं। इस दौरान उन्होंने 13 शतक और 32 अर्धशतक जड़े हैं। वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर 136 रन का है। भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में मंधाना वनडे प्रारूप में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं। उनसे आगे सिर्फ महान मिताली राज हैं, जिनके नाम 7,805 रन दर्ज हैं।
साल 2025 मंधाना के लिए अब तक करियर का सबसे सुनहरा दौर साबित हुआ है। इस साल उन्होंने कुल चार शतक लगाए हैं। जनवरी में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 135 रन की पारी खेली, फिर मई में श्रीलंका के खिलाफ 116 रन बनाए। इसके अलावा सितंबर में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो वनडे मैचों में 117 और 125 रन की पारी खेलकर अपने बल्ले का दम दिखाया। इस साल उनसे अधिक शतक केवल दक्षिण अफ्रीका की ताजमिन ब्रिट्स ने लगाए हैं, जिन्होंने पांच शतक जड़े हैं।
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स्मृति मंधाना का यह रिकॉर्ड न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय है बल्कि यह भी साबित करता है कि वह विश्व क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद और क्लासिक बल्लेबाजों में से एक बन चुकी हैं। उनका यह प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।