प्रज्ञान ओझा (सोर्स-सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

जन्मदिन विशेष: सचिन तेंदुलकर से स्पिनर को मिली डेब्यू कैप, बॉल ही नहीं बल्ले से भी जिताए मैच

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा आज यानी 5 सितंबर को अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रज्ञान ओझा का जन्म 1986 में भुवनेश्वर में हुआ। वह भारत के वो खिलाड़ी हैं जिनकी शुरूआत काफी अच्छी रही। वह भारत के शानदार गेंदबाजों में गिने जाते थे।

मृणाल पाठक

नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा आज यानी 5 सितंबर को अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रज्ञान ओझा का जन्म 1986 में भुवनेश्वर में हुआ। वह भारत के वो खिलाड़ी हैं जिनकी शुरूआत काफी अच्छी रही। वह भारत के शानदार गेंदबाजों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने करियर में कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया, जिनमें हैदराबाद, बिहार, साउथ जोन और सरे काउंटी शामिल हैं।

भारत के लिए प्रज्ञान ओझा 24 टेस्ट मैच खेले हैं। जहां उन्होंने 113 विकेट अपने नाम किया था। इन बेहतरीन स्पेल के दौरान उन्होंने 5 बार पारी में 4 और 7 बार पारी में 5 विकेट हॉल किए हैं। वहीं ओझा ने 18 वनडे मुकाबलों में 21 विकेट भी झटके। इसके साथ ही 6 टी20 में 10 विकेट भी अपने नाम किए। प्रज्ञान ओझा ने साल 2020 में संन्यास लिया था।

2010 में की शादी

प्रज्ञान 13 साल की उम्र में हैदराबाद चले गए और तब से वह अपने परिवार के साथ वहीं रह रहे हैं। उन्होंने 16 मई 2010 को कैलाश चंद्र बराल और चंचला नाइक की बेटी कराबी बराल से शादी की, जो अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।

2004 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट डेब्यू

ओझा ने साल 2004-05 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया। वह अंडर-19 स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने 2006-07 के रणजी ट्रॉफी में 29 विकेट अपने नाम किए थे। बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को उनकी बोलिंग क्षमता के लिए जाना जाता है।

2009 में खेला पहला टेस्ट

प्रज्ञान ओझा ने साल 2009 में अपना पहला टेस्ट मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके लिए सचिन तेंदुलकर ने उन्हें टेस्ट कैप दिया था। ओझा के करियर का सबसे यादगार मुकाबला मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ था। उस मुकबाले में ओझा ने गेंद से नहीं अपने बल्ले से टीम को जीत दिलाई थी।

बल्ले से टीम को दिलाई जीत

भारत ने साल 2010 में मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1 विकेट से जीत दर्ज की थी। उस मैच में भारतीय टीम ने चौथी पारी में जीत के लिए केवल 216 रन बनाने थे। एक तरफ वीवीएस लक्ष्मण एक छोर पर डटे हुए थे, लेकिन दूसरे छोर लगातार विकेट गिर रहे थे। 205 के स्कोर पर इशांत शर्मा लक्ष्मण के साथ 81 रन की साझेदारी करके आउट हो चुके थे। जीत के लिए भारत को 11 रन और ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 1 विकेट की ही दरकार थी। तब ओझा क्रिज पर आए और गेंद से नहीं बल्कि बल्ले से मैच जीताने में अपना योगदान दिया। उन्होंने लक्ष्मण के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई थी।

आईपीएल में भी धमाल

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती सीजन में प्रज्ञान का शानदार प्रदर्शन रहा था। ओझा आईपीएल में पर्पल कैप हासिल करने वाले पहले गेंदबाज हैं। प्रज्ञान ने आईपीएल 2010 में डेक्कन चार्जर्स का प्रतिनिधित्व किया था।

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