Misbah ul Haq Resigns From Pakistan Selection Committee: पाकिस्तान क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल तेज हो गई है। टीम में बड़े बदलाव किए गए हैं और अब कप्तान बाबर आजम की तबीयत खराब होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद बाबर आजम को तेज बुखार हो गया। बाबर आजम की तबीयत खराब होने की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बाबर ने खुद उन्हें बुखार होने की जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है और बाबर बाकी मामलों में पूरी तरह ठीक हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट में बाबर का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा था। उन्होंने पहली पारी में केवल 8 रन और दूसरी पारी में 6 रन बनाए। ऐसे में टीम में हुए बड़े बदलावों के बीच बाबर पर दबाव और बढ़ गया है।
लॉर्ड्स में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव करते हुए सात खिलाड़ियों को बाहर कर दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मोहम्मद आवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं।
बोर्ड ने इसके साथ ही पांच ऐसे खिलाड़ियों को टीम में जगह दी है, जिन्होंने अभी तक पाकिस्तान के लिए टेस्ट मैच नहीं खेला है। सीरीज में केवल एक मुकाबला बाकी होने के कारण इस फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने राष्ट्रीय चयन समिति से हटने की पेशकश कर दी है। बताया जा रहा है कि वह इंग्लैंड दौरे के बीच टीम में किए गए बड़े बदलावों से नाराज थे। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने चयन समिति के सदस्यों से ये बताने को कहा था कि इंग्लैंड दौरे के लिए मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक को टीम में शामिल करने का आधार क्या था।
इसके एक दिन बाद मिस्बाह ने पद छोड़ने की इच्छा जताई। मिस्बाह इस बात से भी नाराज बताए जा रहे हैं कि इंग्लैंड में मौजूद टीम के सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने और उनकी जगह नए खिलाड़ियों को भेजने का फैसला चयन समिति से सलाह किए बिना किया गया।
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट बर्मिंघम में खेला जाना है। टीम के लिए ये मुकाबला काफी अहम है। बाबर आजम की तबीयत, नए खिलाड़ियों का प्रदर्शन और टीम में हुए बदलावों पर सभी की नजर रहेगी।
एक तरफ पाकिस्तान हार के दबाव में है, दूसरी तरफ टीम के अंदर लगातार हो रहे बदलावों ने संकट और गहरा दिया है। ऐसे में बर्मिंघम टेस्ट पाकिस्तान के लिए सिर्फ सीरीज का आखिरी मुकाबला नहीं, बल्कि खुद को संभालने का बड़ा मौका भी होगा।