Highlights:
आज ही के दिन धोनी ने 183 रनों की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रचा था
बतौर विकेटकिपर बल्लेबाज धोनी का यह रिकॉर्ड आज भी अमर है
21 साल से धोनी का यह सिंहासन कोई नहीं हिला सका
Highest Score By Wicketkeeper In ODI: पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हुए कई साल हो चुके हैं, लेकिन उनका एक वर्ल्ड रिकॉर्ड पिछले 21 सालों से 'अमर' है। आज ही के दिन यानी 31 अक्टूबर 2005 को माही ने श्रीलंका के खिलाफ जयपुर के मैदान पर 183 रनों की ऐसी तूफानी पारी खेली थी, जिसने क्रिकेट इतिहास के पन्नों को हमेशा के लिए बदल दिया।
बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में खेली गई यह आज भी दुनिया की सबसे बड़ी पारी है। बड़े-बड़े दिग्गज आए और चले गए, लेकिन 21 साल से धोनी का यह सिंहासन कोई नहीं हिला सका।
दरअसल, साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में भारत के सामने 299 रनों का एक विशाल टारगेट था। टीम इंडिया ने सचिन तेंदुलकर का विकेट जल्दी खो दिया था, जिसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए युवा एमएस धोनी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
धोनी ने महज 145 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और 10 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 183 रनों की नाबाद पारी खेली और भारत को एक ऐतिहासिक जीत दिलाई।
धोनी के इस पहाड़ जैसे रिकॉर्ड को तोड़ने के सबसे करीब साउथ अफ्रीका के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक पहुंचे थे। साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 295 रनों का पीछा करते हुए डी कॉक ने 113 गेंदों में 178 रन कूट दिए थे।
वह जीत के बेहद करीब आकर तेजी से रन बनाने के चक्कर में आउट हो गए और महज 6 रनों से धोनी का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए। इसके अलावा 2020 में बांग्लादेश के लिटन दास ने भी जिम्बाब्वे के खिलाफ 176 रन बनाए थे, लेकिन वह भी माही से पीछे रह गए।
आपको बता दें कि धोनी से पहले यह वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के नाम था। गिलक्रिस्ट ने साल 2004 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 172 रनों की पारी खेली थी।
लेकिन अगले ही साल यानी 2005 में एमएस धोनी ने पहले विशाखापत्तनम में पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को चेतावनी दी, और फिर जयपुर में 183 रन बनाकर गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड हमेशा के लिए अपने नाम कर लिया।