Kapil Dev on Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम की जमकर धूम मची हुई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से उन्होंने क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ियों और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कई लोग उन्हें भारत का भावी सितारा मान रहे हैं, जो अगले 15 सालों तक भारतीय क्रिकेट की कमान संभाल सकता है। हालांकि, 1983 विश्व कप विजेता टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने इस युवा प्रतिभा को लेकर एक अहम और सतर्क करने वाली प्रतिक्रिया दी है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को बातचीत के दौरान कपिल देव ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी में असाधारण प्रतिभा है और उन्होंने आईपीएल से लेकर वैश्विक क्रिकेट तक अपने शुरुआती करियर में ही कई शानदार रिकॉर्ड बना लिए हैं। लेकिन इसके बावजूद उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर अभी से कोई बड़ी भविष्यवाणी करना काफी जल्दबाजी होगी।
कपिल देव ने कहा कि क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहां खिलाड़ी बेहद प्रतिभाशाली होने के बावजूद अचानक गुमनामी के अंधेरे में खो गए।
अपनी बात को वजन देने के लिए कपिल देव ने भारत के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली का उदाहरण दिया। कपिलदेव ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि कांबली के पास अपार प्रतिभा थी, लेकिन वे उसे एक लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर में तब्दील नहीं कर सके। प्रशंसक और जानकार उनसे जैसी उम्मीद लगाए बैठे थे, वैसा परिणाम देखने को नहीं मिला।
विश्वविजेता कप्तान कपिल देव ने सलाह देते हुए कहा कि वैभव अभी महज 15 साल के हैं। उन्हें थोड़ा वक्त देने की जरूरत है। कम से कम दो से तीन साल और दीजिए, फिर हम इस बारे में बात करेंगे।
पूर्व कप्तान ने समझाया कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, खिलाड़ी की जीवनशैली और उसके सोचने का तरीका बदलता है। आने वाले दो सालों में वैभव खुद को किस तरह संभालते हैं और मैदान पर उनका प्रदर्शन कैसा रहता है, यही सबसे ज्यादा मायने रखेगा। केवल शुरुआती मैच देखकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं है।
कपिल देव ने भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, "हमने सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा और विराट कोहली को खेलते देखा है। इन सभी ने देश का नाम रोशन किया है और हमें उन पर बेहद गर्व है। हर कोई ऐसे ही क्रिकेटर की तलाश में रहता है, जिसका करियर अगले 10 से 15 सालों तक चमके।"
कपिल ने कहा कि वे ऐसे युवा खिलाड़ी को देखना चाहते हैं जो विराट कोहली जैसी जिम्मेदारी संभाल सके और लंबे समय तक भारत के लिए खेल सके। फिलहाल उनका पूरा ध्यान इसी बात पर लगा है कि युवा खिलाड़ियों को सही दिशा और पर्याप्त समय मिले।