World Test Championship: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में बड़े बदलाव की तैयारी, अब 9 की जगह खेलेंगी 12 टीमें

Major change in WTC: विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले से पहले इस फार्मेट में एक बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। WTC का अगला प्रारूप अब मौजूदा 9 टीमों के बजाय 12 टीमों का हो सकता है।
Major Changes to World Test Championship
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप सोर्स- सोशल मीडिया
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Major Changes to World Test Championship (WTC): ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का फाइनल मुकाबला अगले साल 2027 में 9 जून से 13 जून के बीच खेला जाएगा। इससे पहले एक बड़ी खबर सामने आई है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को अधिक रोमांचक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। ICC के अनुसार, WTC का अगला प्रारूप अब मौजूदा 9 टीमों के बजाय 12 टीमों का हो सकता है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO का बड़ा संकेत

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टॉड ग्रीनबर्ग ने संकेत दिए हैं कि साल 2029-31 के WTC चक्र में जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान को शामिल करने की पूरी तैयारी की जा रही है।

वर्तमान नियम के अनुसार, WTC के अंतर्गत अंक तालिका में शामिल होने के लिए किसी भी सीरीज में कम से कम 2 टेस्ट मैच होना अनिवार्य है। लेकिन नई योजना के तहत एक बड़ा बदलाव यह भी हो सकता है कि अब एक टेस्ट मैच की सीरीज को भी WTC के मुख्य पॉइंट्स सिस्टम में शामिल कर लिया जाए।

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जल्द लगेगी मुहर

इस अहम फैसले पर अगले महीने होने वाली ICC की अहम बैठकों में अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है। दरअसल, WTC की शुरुआत साल 2019 में हुई थी और तब से यह लगातार 9 टीमों के साथ ही यह टेस्ट फार्मेट खेला जा रहा है। मौजूदा नियम के तहत हर टीम को दो साल के चक्र में कुल 6 टेस्ट सीरीज खेलनी होती हैं, जिनमें से 3 सीरीज घरेलू सरजमीं पर और 3 विदेशी जमीन पर आयोजित की जाती हैं।

ग्रीनबर्ग ने कही ये बड़ी बात

ग्रीनबर्ग के मुताबिक, 12 टीमों का यह नया मॉडल इसलिए बेहद जरूरी है क्योंकि ICC दुनिया के हर टेस्ट खेलने वाले देश को इस वैश्विक चैंपियनशिप में जगह देने का प्रयास कर रही है। हालांकि, उन्होंने इसके आर्थिक पहलू पर चिंता जताते हुए एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है। उनका मानना है कि यह मॉडल लंबे समय तक आर्थिक रूप से कितना टिकाऊ रहेगा, यह देखने वाली बात होगी।

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ग्रीनबर्ग ने किया सचेत

ग्रीनबर्ग ने साफ तौर पर सचेत किया कि यदि ICC से मिलने वाली केंद्रीय आमदनी मौजूदा स्तर पर बरकरार नहीं रहती है, या विभिन्न देशों के क्रिकेट बोर्ड अपने फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) से पर्याप्त कमाई नहीं कर पाते हैं, तो लगातार आमदनी से ज्यादा खर्च करना किसी भी बोर्ड के लिए मुमकिन नहीं होगा। ग्लोबल क्रिकेट के कुछ हिस्सों में यह आर्थिक समस्या अभी से ही साफ तौर पर दिखाई देने लगी है।

वनडे फॉर्मेट पर भी हुई चर्चा

टेस्ट क्रिकेट के अलावा, दुबई में हुई चर्चा के दौरान वनडे फॉर्मेट (ODI) के भविष्य को बचाने पर भी गंभीरता से मंथन किया गया। इस बैठक में मल्टीलेटरल (बहुपक्षीय) टूर्नामेंट आयोजित करने के विचारों पर बात हुई, जिसमें एक प्रमुख सुझाव 'इंटरकॉन्टिनेंटल कप' का भी था। इस प्रस्तावित कप में अलग-अलग महाद्वीपों की शीर्ष टीमें एक-दूसरे के आमने-सामने आ सकती हैं।

ग्रीनबर्ग ने स्पष्ट किया कि हाई-परफॉर्मेंस एक्सपर्ट्स वनडे फॉर्मेट को खिलाड़ियों के कौशल और टैलेंट डेवलपमेंट के लिए तकनीकी रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। वहीं दूसरी तरफ, ICC के स्तर पर वनडे वर्ल्ड कप को आज भी वैश्विक क्रिकेट की सबसे बड़ी कमर्शियल (व्यावसायिक) कमाई का जरिया माना जाता है। ऐसे में इस फॉर्मेट को बचाए रखना क्रिकेट के आर्थिक और खेल के स्तर, दोनों के लिए अनिवार्य है।

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