कोलकाता में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया की हार पर चेतेश्वर पुजारा ने दिया बयान (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

कोलकाता की हार को नहीं पचा पा रहे चेतेश्वर पुजारा, टीम इंडिया के प्रदर्शन पर निकाली भड़ास

IND vs SA: कोलकाता टेस्ट में भारत की हार से फैंस और विशेषज्ञ हैरान हैं। पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने टीम की गलतियों और कमजोर प्रदर्शन पर बड़ा बयान देते हुए बल्लेबाजों के रवैये पर सवाल उठाए हैं।

संजय सिंह बिष्ट

Cheteshwar Pujara: साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में मिली 30 रनों की हार ने भारतीय फैंस को गहरा झटका दिया है। घरेलू परिस्थितियों में टीम इंडिया का इस तरह हारना कई सवालों को जन्म दे रहा है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा भी इस नतीजे से आश्चर्य में हैं और उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों के रवैये पर सीधे सवाल उठाए हैं। पुजारा का मानना है कि टीम भले ही बदलाव के दौर से गुजर रही हो, लेकिन यह घरेलू मैदान पर टेस्ट हारने का कोई बहाना नहीं हो सकता।

पुजारा ने बल्लेबाजों के रवैये पर उठाए सवाल

टेस्ट के पहले दिन से ही पिच में असमान उछाल और टर्न देखने को मिला, लेकिन पुजारा का कहना है कि इस तरह की चुनौती भारतीय बल्लेबाजों के लिए नई नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों के पास घरेलू परिस्थितियों में खेलने का भरपूर अनुभव है, ऐसे में इतनी जल्दी विकेट गिरना चिंता का विषय है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि सिर्फ बल्लेबाजों को जिम्मेदार ठहरा देना ठीक नहीं होगा। उनकी नज़र में टीम का संपूर्ण प्रदर्शन कमजोर रहा।

"टीम में कुछ गड़बड़ है"

कोलकाता टेस्ट के बाद जियोस्टार पर बातचीत करते हुए पुजारा ने साफ कहा कि भारत की हार को ‘बदलाव’ के नाम पर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वहां की परिस्थितियों में बदलाव के चलते भारत हारता है, तो वह समझ आता है, लेकिन अपने ही घर में हार को सही ठहराना मुश्किल है। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल, और वाशिंगटन सुंदर—इन सभी के फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड बेहतरीन हैं। ऐसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज अगर भारतीय पिचों पर संघर्ष करें, तो इसका मतलब है कि टीम में किसी स्तर पर गड़बड़ी है।

बदलाव की आड़ में हार को नहीं माना जा सकता

पुजारा का स्पष्ट कहना था कि अगर यही मैच किसी बेहतर और संतुलित पिच पर होता, तो भारत के जीतने की संभावना कहीं ज्यादा रहती। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर टेस्ट क्रिकेट को किस तरह की पिच पर खेला जाना चाहिए? क्या अत्यधिक टर्न और असमान उछाल वाले पिच वास्तव में खेल को बराबरी का बना रहे हैं, या टीम की अपनी क्षमता को सीमित कर रहे हैं?

चेतेश्वर पुजारा ने ये भी कहा है कि भारतीय क्रिकेट का टैलेट लेवल इतना ऊंचा है कि भारत-ए की टीम भी साउथ अफ्रीका को चुनौती दे सकती है। ऐसे में ‘पिच बदल गई’ या ‘बदलाव का दौर है’ कहकर हार को स्वीकार करना ठीक नहीं है।

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