ICC Board Meeting Decisions: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को अपनी बैठकों के खत्म होने के बाद कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। ये बैठकें रविवार को अहमदाबाद में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मैच (GT Vs RCB) के दौरान आयोजित की गई थीं।
आईसीसी ने इस दौरान कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनका मुख्य उद्देश्य क्रिकेट के प्रशासन को मजबूत करना, महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं को बेहतर बनाना है। आईसीसी बोर्ड ने मुख्य अधिकारियों की बैठक से मिले सुझावों को भी मंजूरी दे दी है। आइए इन प्रमुख बदलावों और फैसलों को आसान शब्दों में समझाते हैं....
दुनिया भर में बढ़ती टी-20 और फ्रैंचाइज़ लीग्स को देखते हुए आईसीसी ने एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी इस बात पर काम करेगी कि फ्रैंचाइजी क्रिकेट और देशों के आपसी मैचों (इंटरनेशनल कैलेंडर) के बीच सही तालमेल कैसे बिठाया जाए। इसके अलावा आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की तारीखों को बदल दिया गया है। अब यह टूर्नामेंट जून-जुलाई के बजाय 14 से 28 फरवरी, 2027 के बीच खेला जाएगा।
ICC ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए साल 2026 में 10 टीमों का एक नया टूर्नामेंट शुरू होगा। इसमें आईसीसी के 5 फुल मेंबर और 5 एसोसिएट देशों की टीमें रैंकिंग और पिछले टी-20 वर्ल्ड कप के प्रदर्शन के आधार पर चुनी जाएंगी। आईसीसी पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप के लिए एक नया 'ग्लोबल क्वालिफायर' मुकाबला शुरू करने की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। इस 16 टीमों वाले क्वालिफायर के नियम और रास्ते जल्द ही तय किए जाएंगे।
आईसीसी ने नियमों का ठीक से पालन न करने (सदस्यता शर्तों के उल्लंघन) के कारण क्रिकेट कनाडा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, इस निलंबन के बाद भी कनाडा की टीम पर कम असर पड़ेगा। निलंबन के दौरान भी कनाडा की राष्ट्रीय टीमें आईसीसी के टूर्नामेंट्स में खेलती रहेंगी ताकि उनका खेल खराब न हो।
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आईसीसी कनाडा की टीम के खर्चों के लिए सीधे पैसे नहीं देगी, बल्कि एक 'कंट्रोल्ड फंडिंग सिस्टम' के जरिए आईसीसी खुद अपनी देखरेख में केवल राष्ट्रीय टीमों की जरूरतों और स्वीकृत कार्यक्रमों पर ही पैसा खर्च करेगी। कनाडा क्रिकेट बोर्ड में चल रही प्रशासनिक दिक्कतों को सुधारने के लिए आईसीसी कुछ शर्तें तय करेगी। इन सुधारों की जांच के लिए एक 'नॉर्मलाइजेशन कमेटी' बनाई गई है। जब यह कमेटी और आईसीसी बोर्ड पूरी तरह संतुष्ट हो जाएंगे, तभी कनाडा की सदस्यता दोबारा बहाल की जाएगी।