Hardik Pandya Statement: टी20 विश्व कप 2026 की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या बेहद उत्साहित नजर आए। भारत के चैंपियन बनने के बाद पांड्या ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनके अंदर अभी भी करीब 10 साल का क्रिकेट बाकी है और इस दौरान उनका लक्ष्य भारत के लिए 10 और आईसीसी खिताब जीतना है। हार्दिक का यह आत्मविश्वास और बड़ा लक्ष्य उनके जज्बे को दर्शाता है। पांड्या ने कहा कि टीम इंडिया में जिस तरह का टैलेंट और आत्मविश्वास है, उससे आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में बना रहेगा।
घरेलू मैदान पर विश्व कप जीतने के अनुभव को हार्दिक पांड्या ने बेहद खास और भावुक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में विश्व कप जीतने का जो माहौल होता है, उसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। देशभर के फैंस की खुशी और ऊर्जा खिलाड़ियों को अलग ही प्रेरणा देती है। पांड्या ने बताया कि उन्हें फाइनल मुकाबले से पहले ही इस बात का पूरा भरोसा था कि भारतीय टीम ही चैंपियन बनेगी। उन्होंने कहा कि फाइनल से एक दिन पहले ही उनके मन में यह बात पूरी तरह बैठ गई थी कि भारत ही ट्रॉफी उठाएगा। उनके अनुसार टीम के खिलाड़ियों के मन में हार का विचार कहीं भी नहीं था। उन्होंने इस शानदार जीत के लिए ईश्वर का आभार भी जताया और कहा कि टीम की मेहनत और विश्वास ने ही उन्हें यह मुकाम दिलाया है।
हार्दिक पांड्या ने टीम के युवा खिलाड़ियों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर संजू सैमसन और ईशान किशन के संघर्ष और उनके शानदार प्रदर्शन का जिक्र किया। हार्दिक पांड्या ने कहा कि इन खिलाड़ियों की कहानी पूरे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी लगातार मेहनत करता है, धैर्य बनाए रखता है और दूसरों की सफलता में भी खुशी ढूंढना सीख जाता है, तब उसे सही समय पर मौका जरूर मिलता है। पांड्या के अनुसार सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए अनुशासन, धैर्य और मजबूत मानसिकता भी जरूरी होती है।
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उन्होंने यह भी बताया कि बड़े मैचों के दबाव भरे माहौल में उन्होंने खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी थी। पांड्या ने कहा कि ऐसे समय में खिलाड़ियों को अपनी पुरानी अच्छी यादों और सफल पलों को याद रखना चाहिए, जिससे आत्मविश्वास बना रहता है। उनके मुताबिक यह जीत सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि टीमवर्क, भरोसे और मजबूत मानसिकता की भी जीत है, जिसने भारतीय क्रिकेट को एक बार फिर दुनिया के शीर्ष पर पहुंचा दिया है।