गैरी कर्स्टन ने PCB की सच्चाई बताई (फोटो- सोशल मीडिया) 
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पाकिस्तान क्रिकेट का वर्क कल्चर टॉक्सिक... भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच ने बताया PCB का पूरा सच

Pakistan Cricket Board: पाकिस्तान टीम के पूर्व लिमिटेड ओवर्स हेड कोच गैरी कर्स्टन ने पीसीबी के कामकाज पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वहां का माहौल पूरी तरह टॉक्सिक है।

संजय सिंह बिष्ट

Gary Kirsten on PCB: पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब रहता है, तो सबसे पहले हेड कोच ही आलोचनाओं के घेरे में आ जाते हैं। वहीं, जब टीम अच्छा खेल दिखाती है तो श्रेय खिलाड़ियों और अन्य लोगों को मिलता है, जबकि कोच को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कामकाज को लेकर पूर्व कोच गैरी कर्स्टन का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

साल 2011 में टीम इंडिया को वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाले गैरी कर्स्टन ने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान टीम के लिमिटेड ओवर्स हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा और उन्होंने महज 6 महीनों के भीतर ही इस पद से इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

वहां का माहौल बताया टॉक्सिक

गैरी कर्स्टन ने हाल ही में talkSPORT Cricket से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान टीम के साथ काम करने का उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वहां का माहौल काफी टॉक्सिक है और काम करने में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। कर्स्टन के अनुसार, टीम के अंदर बाहरी दखलअंदाजी बहुत ज्यादा थी, जो किसी भी कोच के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करती है। उन्होंने कहा कि इतनी ज्यादा इंटरफेरेंस के बीच खिलाड़ियों के साथ सही तरीके से संवाद करना भी मुश्किल हो जाता है।

बाहरी दखलअंदाजी बनी सबसे बड़ी समस्या

कर्स्टन ने बताया कि अपने करियर में उन्होंने पहले कभी इस स्तर की बाहरी दखलअंदाजी नहीं देखी थी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी टीम के माहौल को खराब कर सकती है। उनके मुताबिक, जब फैसलों में लगातार बाहरी हस्तक्षेप होता है, तो टीम का फोकस भी प्रभावित होता है और कोच की भूमिका कमजोर पड़ जाती है।

कोच को ही बनाया जाता है जिम्मेदार

गैरी कर्स्टन ने पीसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो सबसे आसान रास्ता कोच को हटाना समझा जाता है। उन्होंने कहा कि हर बार कोच को ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। अगर हर असफलता के बाद कोच को ही हटाना है, तो फिर इस पद की अहमियत क्या रह जाती है।

गैरी कर्स्टन ने यह भी कहा कि पीसीबी के मौजूदा माहौल में लगातार सफलता हासिल करना बेहद कठिन है। उनके अनुसार, नेतृत्व स्तर पर स्थिरता और स्पष्ट रणनीति का अभाव टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करता है। ऐसे माहौल में किसी भी कोच के लिए लंबे समय तक काम करना आसान नहीं होता।

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