अंशु मलिक (सौजन्य-एक्स) 
खेल

पेरिस ओलंपिक के बाद अब अंशु मलिक ने किया ब्रेक का ऐलान, 12 साल का सपना टूटा, करेगी दमदार वापसी

पेरिस ओलंपिक 2024 में मुकाबला हारने के बाद अब भारतीय पहलवान अंशु मलिक ने ब्रेक लेने का फैसला किया है। पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने की उम्मीद से भाग लेनेे वाली अंशु मलिक का 12 साल का सपना टूटने के बाद उन्होंने ये फैसला लिया है। अब भारतीयों को अगले ओलंपिक से पहले उनके जल्द ही दमदार फॉर्म में वापसी करने की उम्मीदें होगी।

प्रिया जैस

नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद अब भारतीय पहलवान अंशु मलिक ने ब्रेक लेने का ऐलान किया है। पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतना अंशु मलिक का 12 साल का सपना था जोकि वे पूरा नहीं कर पाई और निराशा के वापस लौटी।

जिसके बाद अब भारतीय पहलवान अंशु मलिक ने सोमवार को कहा कि वह पेरिस ओलंपिक में प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर होने के बाद ‘शारीरिक और भावनात्मक रूप से फिट होने' के लिए खेल से कुछ समय का ब्रेक ले रही हैं। उन्होंने हालांकि मजबूत वापसी करने का वादा किया।

तेईस साल की यह खिलाड़ी 57 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा के प्री क्वार्टर फाइनल में अपने से अनुभवी दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पांचवी वरीय हेलेन लुसी मैरोयूलिस की चुनौती से पार नहीं पा सकी। वह 2-7 से हार गई।

अपना दूसरा ओलंपिक खेल कर वापस लौटी आंशु ने ‘इंस्टाग्राम' पर लिखा, ‘‘ इसे स्वीकार करना कठिन है, लेकिन यह एक खेल है और हार-जीत इसका हिस्सा है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि परिणाम क्या है, मुझे कुश्ती पसंद है।''

मै एक योद्धा हूं

उन्होंने लिखा, ‘‘ अब, यह एलए 2028 (लॉस एंजिलिस ओलंपिक) के लिए एक नयी शुरुआत होगी। मुझे पता है कि मैं एक योद्धा जैसी हूं और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर वापस आऊंगी।''

अंशु मलिक ने कहा, ‘‘ मैं अभी शारीरिक और भावनात्मक रूप से फिट होने के लिए एक छोटा ब्रेक ले रही हूं। इस दौरान मैं देखूंगी कि मुझे कहां बदलाव करने की जरूरत है।'' अंशु ने इस साल अप्रैल में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर से पेरिस खेलों का कोटा हासिल किया था।

12 साल का टूटा सपना

उन्होंने अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ओलंपिक अब खत्म हो गया है और इसके साथ ही मेरा 12 साल का सपना भी टूट गया। मैंने 2012 में जब कुश्ती शुरू की थी तब अपने पिता से वादा किया था कि मैं 2024 ओलंपिक में पदक जीतूंगी।''

अंशु ने कहा, ‘‘ मैंने उसके बाद से हर दिन बस उसी के लिए मेहनत की है। मैं बस इसे हासिल करने के सपने देखती हूं। मैंने सोचा था हालांकि वैसा नहीं हुआ।'' अंशु एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक विजेता रही हैं।

वह पेरिस में तीन बार की विश्व चैंपियन अमेरिका की हेलन के खिलाफ 2-0 की बढ़त को बरकरार नहीं रख पाई और दमखम दिखाने के बाद भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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