Trump Passport Controversy: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश की स्वाधीनता की 250 वीं सालगिरह मनाने के लिए नए लिमिटेड एडीशन अमेरिकी पासपोर्ट पर अपनी तस्वीर छपवाई है। इसे टूथ सोशल प्लेटफार्म पर उन्होंने पोस्ट किया है। 4 जुलाई अमेरिका का स्वाधीनता दिवस है। 1776 में इसी तारीख को अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने ब्रिटेन के कब्जे से अपने देश की आजादी घोषित की थी।
अंग्रेजों की फौज से उनकी अंतिम और निर्णायक लड़ाई न्यूजर्सी के स्कैंटन में हुई थी। इस नए पासपोर्ट में ट्रंप कठोर मुखमुद्रा में नजर आ रहे हैं। उनकी यह तस्वीर व्हाइट हाउस के फोटोग्राफर डैनियल टोरोक ने खींची है। आजादी के घोषणापत्र के बैकग्राउंड में यह तस्वीर छपी है। उस पर ट्रंप के हस्ताक्षर हैं और छपा है- वेलकम, बट बी गुड ! इसका मतलब है आपका स्वागत है मगर शराफत से रहो। क्या यह शेखीखोर ट्रंप का आत्मविज्ञापन नहीं है?'
हमने कहा, 'यह प्रचारतंत्र की दुनिया है। ट्रंप के चित्र वाला पासपोर्ट विश्व के देशों में उनकी धाक जमाएगा। यह रूस के पुतिन और चीन के शी जिनपिंग के लिए भी चुनौती होगी कि वह अपने देशों के पासपोर्ट पर खुद का चित्र छपवाएं,'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, ट्रंप को चाहने वाले भारत में भी हैं। पुणे में ट्रंप टावर है। हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से सटी हुई सड़क का नाम डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू रखा गया है। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर तथा अमेरिका की कांसुल जनरल लॉरा विलियम्स ने इस सड़क के नामकरण की स्मारक पट्टिका का अनावरण किया। हैदराबाद में अपने नाम की सड़क के बारे में जानकर ट्रंप प्रसन्न हो गए। वह अमरीश पुरी की स्टाइल में बोल सकते थे मोगैम्बो खुश हुआ!'
हमने कहा, 'विदेशियों और मुगल शासकों के नाम देश की सड़कों व स्मारकों से हटाने वाली केंद्र की मोदी सरकार की ट्रंप एवेन्यू पर क्या प्रतिक्रिया रहेगी?' पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, ट्रंप को गणतंत्र दिवस समारोह का अतिथि बनाकर और भी ज्यादा सम्मानित किया जा सकता है। मोदी-ट्रंप दोस्ती की कड़ियां फिर से मजबूत करना जरूरी है।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा