Growing Theft Culture India: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, विश्व गुरु कहलाने का दंभ भरने वाले हमारे नेता खुली आंखों से देख रहे हैं कि नैतिकता दफन हो चुकी है और चोरों की बन आई है। मंदिर के चंदा या चढ़ावा चोरी से लेकर रेलवे की चादरें भी चोरी होने लगी हैं। यह कितनी शर्म की बात है।'
हमने कहा, 'चोरी को 64 कलाओं में से एक माना गया है। भगवान कृष्ण को हम माखन चोर कहते हैं। बच्चे चोर-सिपाही का खेल खेलते हैं। फिल्मी हीरो गाता है चुराके दिल मेरा गोरिया चली! राजकपूर नरगिस की प्रसिद्ध फिल्म का नाम था चोरी-चोरी। अंग्रेज हमारे देश से कोहिनूर हीरा चुराकर ले गए थे। आपने सुरैया का गाया हुआ पुराना फिल्मी गीत सुना होगा- तेरे नैनों ने चोरी किया, मेरा छोटा सा जिया परदेसिया!'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, सवाल उन लोगों की खोटी नीयत का है जो सार्वजनिक संपत्ति को अपने बाप का माल समझते हैं। वह होटल या रेस्टहाउस में ठहरने के बाद वहां का तौलिया, साबुन, टूथपेस्ट चुराकर ले जाते हैं। कुछ तो नल की टॉटियां भी नहीं छोड़ते। ट्रेन के टॉयलेट में मग जंजीर से बंधा रहता है ताकि कोई पैसेंजर उसे चुराकर न ले जाए। अब आरटीआई या सूचना के अधिकार से जानकारी मिली है कि ट्रेनों से 1.27 करोड़ रुपये की बेटशीट या चादरें चुरा ली गईं। पूरे बेडरोल आइटम गायब हो गए जिनमें चादर के अलावा कंबल, तकिया व तौलिया भी शामिल हैं। इन चीजों को वहीं छोड़ने या वापस करने की बजाय यात्री उन्हें लेकर चंपत हो गए।'
हमने कहा, 'जहां तक चादर की बात है, वह ओढ़ने, बिछाने के काम आती है। चादर सूती या रेशमी भी हो सकती है। भागलपुरी चादरें काफी प्रसिद्ध हैं। पुराने जमाने में कहा जाता था जितनी चादर हो उतने में ही पैर पसारो! अब लोगों ने अपनी चादर लंबी कर ली है। लोन लेकर और क्रेडिट कार्ड से अंधाधुंध खर्च करते हैं। आमदनी अठन्नी खचर्चा रुपैया वाला समय आ गया है। इस तरह हमारी इकोनॉमी तरक्की करती जा रही है। सफेदपोश चोर और रिश्वतखोर की पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाही में रहता है।
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हरिओम शरण ने भजन गाया था मैली चादर ओढ़ के कैसे पास तुम्हारे आऊं ! इसलिए लोग रेल्वे की साफसुथरी सफेद चादर चुराने लगे। अधिकांश लोग घर में सुबह उठने के बाद चादर ठीक से फोल्ड करके नहीं रखते। संत कबीरदास का काम बहुत सिस्टमेटिक था। उन्होंने कहा था- दास कबीर जतन से ओढ़ी, ज्यों कि त्यों धर दीनी चदरिया भीनी रे भीनी!'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा