कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के लगातार आंदोलनों पर राजनीतिक व्यंग्य।
अभिजीत दिपके और नेहा बोरा की बार-बार गिरफ्तारी का जिक्र।
प्रदर्शन पर रोक और विपक्ष को लेकर सरकार की आशंकाओं पर कटाक्ष।
लेख में आंदोलन, सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को मुहूर्त और ब्रेक के रूपकों से पेश किया गया है।
Jantar Mantar Protest and Political Satire: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशनेबाज, पहले माना जाता था कि कॉकरोच हमेशा दरवाजे के पीछे या घर के अंधेरे कोने में छिपे रहते हैं लेकिन अब वे खुले में आ गए हैं और उन्होंने बार-बार प्रदर्शन और आंदोलन कर मोदी सरकार की नाक में दम कर दिया है। कहते हैं कि इस पृथ्वी पर कॉकरोच का अस्तित्व डायनासोर के समय से रहा है। भूकंप, तूफान, बाढ़ भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सके। वह अपने बारे में शान से कह सकते हैं- क्या बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी! हमें यह बताइए कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके कब तक आंदोलन करते रहेंगे? उनका प्रदर्शन समापन का मुहूर्त कब आएगा?'
हमने कहा, 'आपने ज्योतिष शास्त्र का प्रश्न पूछा है तो सुनिए, दिन-रात के 24 घंटे में कुल 30 मुहूर्त होते हैं। प्रत्येक मुहूर्त की अवधि 48 मिनट या 2 घड़ी होती है। इन मुहूर्ती के नाम हैं- रुद्र अहि, मित्र, पितृ, वसु, वाराह, विश्वेदेवा, विधि, सतमुखी, पुरुहूत, वाहिनी, नक्तनकरा, वरुण, अर्थमा, भग, गिरीश, अजपाद, अहिर, बुधन्य, पुष्य, अश्विनी, यम, अग्नि, विधातृ, कंड, अमृत, विष्णु, युगिमद्युति, ब्रम्ह, समुद्रम !'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हम इतना नहीं जानते। हम प्रतिदिन सुबह 5 बजे ब्रम्ह मुहूर्त में जाग जाते हैं। गोरज मुहूर्त के बारे में भी हमने सुना है। अभिजीत मुहूर्त भी होता है। विपक्ष को इसी मुहूर्त का लाभ मिल रहा है। हमारा सवाल है कि अभिजीत दिपके कब तक आंदोलन का दीपक राग गाते रहेंगे? वह और नेहा बोरा कितनी बार लगातार गिरफ्तार होते रहेंगे? कानून-व्यवस्था कायम रखनी है तो प्रदर्शन पर ब्रेक लगना चाहिए?'
हमने कहा, 'ब्रेक कई प्रकार के होते हैं जैसे कि हैंड ब्रेक, फूट ब्रेक, वैक्यूम ब्रेक, हाइड्रोलिक ब्रेक। सरकार की गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया है। उसे विपक्ष में अर्बन नक्सल की शक्ल दिखाई देती है। जंतर-मंतर में प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार चाहती है कि आंदोलनकारी छूमंतर हो जाएं। उसे शक है कि आंदोलन के पीछे विदेशी हाथ है!'
पड़ोसी ने कहा, 'विदेशी हाथ या कांग्रेस का हाथ देखने की बजाय सरकार मानकर चले कि अपना हाथ जगन्नाथ होता है। प्रधानमंत्री मोदी दिपके को समझाएं कि दीपक जलाने में कोई हमारा मुकाबला नहीं कर सकता। हमारे भक्तों ने कोरोना काल में और फिर हमारे जन्मदिन पर लाखों दीपक जलाए। इसलिए तुम टिमटिमाना बंद कर दो।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा