Maratha Reservation Kunbi Certificate: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 12 दिनों से जालना जिले के अंतरवाली-सराटी गांव में अनशन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने पहले अपने लाखों समर्थकों के साथ जालना जिले से मुंबई मोर्चा ले जाने और वहां अनशन जारी रखने की घोषणा की थी लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।
इसलिए अब वह सिर्फ 4-5 सहयोगियों के साथ मुंबई रवाना हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रास्ते में उन्हें रोका गया तो लाखों मराठा बगैर अनुमति मुंबई में जा धमकेंगे। गणेशोत्सव के दौरान उनके इस इरादे से राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है। जरांगे दबाव डाल रहे हैं कि सरकार मराठा को ओबीसी श्रेणी में शामिल करते हुए सभी 58 लाख रिकार्ड के आधार पर कुणबी जाति प्रमाणपत्र जारी करे।
सरकार ने निजाम के समय के राजस्व और कुणबी रिकार्ड की पहचान करने समिति नियुक्त की थी। मराठवाड़ा के 8 जिले तब निजाम शासन के अधीन थे। सरकार का कहना है कि उसने 3,16,977 कुणबी जाति प्रमाणपत्र वितरित कर दिए हैं। जरांगे के आंदोलन को तब बल मिला जब जाति की जांच करनेवाली समिति ने मराठवाड़ा के 4 जनप्रतिनिधियों के कुणबी जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिए।
जरांगे की यह भी मांग है कि सरकार मराठा समुदाय के लिए सातारा, कोल्हापुर तथा अन्य पूर्व रियासतों के गैजेट भी लागू करे जबकि सरकार का कहना है कि यह मामला अदालत के विचाराधीन है। बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने कहा कि जब हैदराबाद गैजेट का मामला पहले ही कोर्ट में है तो हम सातारा और कोल्हापुर गैजेट कैसे लागू कर सकते हैं? सरकार कोर्ट के क्षेत्र से बाहर कोई काम नहीं कर सकती।
लाड ने कहा कि जरांगे ने 15 मांगें रखी हैं। फड़णवीस सरकार ने इनमें से 14 मांगों को स्वीकार कर लिया है। एक मांग न्यायप्रविष्ट होने की वजह से स्वीकार नहीं की जा सकती। जरांगे का रवैया लाड के प्रति नरम है लेकिन वह शिवसेना और भाजपा के कुछ नेताओं व मंत्रियों के तीव्र आलोचक हैं। उनके मतानुसार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही 4 जनप्रतिनिधियों के कुणबी जाति प्रमाणपत्र रद्द करने के लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने चंद्रशेखर बावनकुले, राधाकृष्ण विखे पाटिल, उदय सामंत और संजय शिरसाट को भी निशाने पर लिया। जरांगे द्वारा निरंतर आलोचना किए जाने को देखते हुए सरकार ने उनसे मिलने के लिए अंतरवाली-सराटी गांव में अपना प्रतिनिधि मंडल नहीं भेजने का फैसला किया। अब सरकार की चिंता यह है कि गणेशोत्सव के दौरान पहले ही पुलिस बंदोबस्त में व्यस्त है।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा