भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन हुई रवाना, गुजरात में 5 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित

Gatishakti Cargo Terminals Gujarat: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात से भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। साथ ही गुजरात में 5 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित किए गए।
india first salt container train launched gujarat gatishakti cargo terminals
सॉल्ट कंटेनर ट्रेन(सोर्सः सोशल मीडिया)
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First Salt Container Crain India: अहमदाबाद, गुजरात में रेलवे के बुनियादी ढांचे, माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन एवं शुभारंभ किया गया। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शिवलखा से भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन को मीठापुर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही गुजरात में 5 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों (GCTs) को राष्ट्र को समर्पित किया गया तथा अंजार स्टेशन पर भुज-शालीमार एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ किया गया।

नमक परिवहन में नई तकनीक का इस्तेमाल

कच्छ सहित गुजरात देश के प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। नमक के पारंपरिक रेल परिवहन में वैगन के वजन और माल के वजन के संतुलन तथा नमी के कारण गुणवत्ता एवं हैंडलिंग संबंधी चुनौतियां सामने आती थीं। इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर विकसित किए गए हैं। इनमें ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा है। कंटेनर को टिल्ट करने पर नमक आसानी से बाहर निकाला जा सकता है।

रेल मंत्री ने कहा कि यह पहल रेलवे में नवाचार और नई सोच का उदाहरण है। कंटेनरीकृत नमक परिवहन से माल की सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवाजाही के साथ लॉजिस्टिक्स लागत और समय को अनुकूलित करने तथा रेल आधारित माल परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

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अश्विनी वैष्णव(सोर्सः सोशल मीडिया)

गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल समर्पित

कार्यक्रम में भीमासर, देवलिया, चंडीसर, शिवलखा और लिंच स्थित पांच GCTs राष्ट्र को समर्पित किए गए। भीमासर टर्मिनल लगभग 52 एकड़ में ₹75 करोड़ के निवेश से विकसित हुआ है और इसमें करीब 60 आउटवर्ड तथा 60 इनवर्ड रेक प्रति माह की क्षमता प्रस्तावित है। देवलिया टर्मिनल 41 एकड़ में लगभग ₹65 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है।

चंडीसर का टर्मिनल लगभग 23 एकड़ में ₹75 करोड़ के निवेश से तैयार हुआ है, जबकि शिवलखा टर्मिनल लगभग 150 एकड़ में करीब ₹200 करोड़ की प्रस्तावित लागत से विकसित किया जा रहा है। यहां कंटेनर ट्रैफिक के साथ रेलवे वैगन निर्माण एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। लिंच GCT से क्षेत्र में माल हैंडलिंग और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार होगा। रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल नीति शुरू की गई थी और वर्तमान में देशभर में 150 से अधिक GCT कार्यरत हैं।

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कच्छ में रेल नेटवर्क का विस्तार

कच्छ में करीब ₹5,600 करोड़ की विभिन्न रेलवे एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। सामाख्याली-भचाऊ और गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन में फोर लाइनिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि भचाऊ-गांधीधाम में तीसरी एवं चौथी लाइन तथा आदिपुर-भुज दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। नलिया-जखाऊ पोर्ट नई रेल लाइन सहित कच्छ के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाली नई रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

अंजार और गोपालपुर में नई सुविधा

अंजार स्टेशन पर भुज-शालीमार एक्सप्रेस (22829/22830) के ठहराव से स्थानीय यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलेगी। वहीं गोपालपुर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर गुजरात कर राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा, महापौर दिव्याबेन नाथानी, सांसद विनोदभाई चावडा तथा विधायक मालतीबेन माहेश्वरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। स्टेशन के विकास से अहमदाबाद और भुज की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए गांधीधाम में इंजन रिवर्सल की आवश्यकता कम होगी, जिससे परिचालन समय की बचत होगी। इन परियोजनाओं से गुजरात में रेल आधारित माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ यात्री रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की उम्मीद है।

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