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Navabharat Nishanebaaz: प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई राह स्वर्ण खरीदी का छोड़ो मोह

Gold Wearing Culture: देश में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, संपन्नता, आस्था और परंपरा का प्रतीक भी है। अंगूठियों से मंदिरों तक, भारतीय जीवन में सोने का खास महत्व दिखता है।

अंकिता पटेल

Gold Jewellery Indian Tradition: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, देशवासी मोहग्रस्त हैं तभी तो कितने ही लोग एकसाथ 4-4 अंगुलियों में सोने की अंगूठियां पहनते हैं। कुछ मर्द गले में सोने की मोटी चेन भी पहनते हैं और कलाई में गोल्डन कड़ा या ब्रेसलेट!'

हमने कहा, 'अपना-अपना शौक है। इससे व्यक्ति की संपन्नता झलकती है। सौभाग्यवती महिलाएं वट सावित्री जैसे पर्व पर नाक में सोने की नथ, कानों में झुमके या बाली, गले में सोने का मंगलसूत्र और बढ़िया सा नेकलेस, कलाइयों में कंगन पहनती हैं। कुछ के पास सोने के बाजूबंद भी होते हैं। महिलाओं को आभूषण पहनने और नए-नए गहने खरीदने की स्वाभाविक अभिलाषा होती है। धर्मस्थलों में भी भरपूर सोना है। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर प्रसिद्ध है। काशी विश्वनाथ मंदिर को महाराजा रणजीत सिंह ने सोने से मढ़वाया था। पदमनाभ मंदिर के भंडार में सोना ही सोना है। लोग सिर्फ सोना पहनते ही नहीं, तिरुपति बालाजी मंदिर और शिरडी साई मंदिर में श्रद्धापूर्वक अर्पित भी करते हैं। धर्म-कर्म सभी में सोना है।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, जिसके घर में जितना सोना है, उतना रखो लेकिन पीएम मोदी का कहना है कि अब आगे से सोना खरीदना बंद करो क्योंकि विदेश से सोना मंगाने पर फरिन एक्सचेंज खर्च होता है। घर में ज्यादा सोना है तो उसे देकर गोल्ड बॉन्ड खरीदो।'

हमने कहा, 'गोल्ड बॉन्ड शब्द से याद आया कि जेम्स बॉन्ड की एक फिल्म का नाम 'मैन विद दि गोल्डन गन' था। ग्रेगरी पेक व ओमर शरीफ की फिल्म का नाम था मैकेनाज गोल्ड! पंचवटी में सीता के कहने पर राम स्वर्ण मृग के पीछे भागे थे। इस दौरान सीता हरण हो गया था। रामायण में सोने की लंका का उल्लेख है। भगवान राम ने निशानी के तौर पर अपनी स्वर्ण मुद्रिका देकर हनुमान को लंका भेजा था। सीताजी ने भी अपनी चूडामणि उतारकर हनुमान के हाथों प्रभु राम के पास भेजी थी। पुराने राजा-महाराजा सोने का मुकुट पहनकर स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान होते थे। इतिहास में गुप्त काल स्वर्णकाल कहलाता है जब स्वर्णमुद्राएं चला करती थीं।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, यह मत भूलिए कि मोरारजी देसाई ने गोल्ड कंट्रोल ऑर्डर लागू कर बड़ी निर्ममता से देश के लाखों स्वर्णकारों और सराफा व्यापारियों का रोजगार छीन लिया था। मोरारजी और मोदी दोनों के नाम में 'म' है। वक्त का पहिया फिर उसी दिशा में घूम रहा है। पीएम नहीं चाहते कि कोई ज्वेलर के शोरूम के सामने से जाए, उसका मन ललचाए, रहा न जाए। वहां वैधानिक चेतावनी लगनी चाहिए- स्वर्णाभूषण खरीदी देश की सेहत के लिए हानिकारक है।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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