Kabaddi Strategy vs Chess: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, महाराष्ट्र के खाद्यान्न व आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि मैं कबड्डी का खिलाड़ी हूं, शतरंज का नहीं! उनके इस कथन पर आपकी क्या राय है?'
हमने कहा, 'जहां तक शतरंज की बात है उसे खेलने में दिमाग लगता है, शारीरिक ताकत या फुर्ती नहीं! कबड्डी खेलने में चपलता के साथ दिमाग भी लगाना पड़ता है कि प्रतिपक्षी खिलाड़ी को कैसे घेरकर पकड़ा जाए ताकि वह बचकर निकलने न पाए, कबड्डी की रणनीति समझी जा सकती है लेकिन दिमाग में चल रही शतरंज की चाल को नहीं भांपा जा सकता। इस समय खेल की दुनिया में क्रिकेट और शतरंज दोनों ही चर्चित हैं। प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को मात दी। उन्होंने तमिलनाडु के सीएम विजय के साथ भी शतरंज की बाजी खेली। मुंशी प्रेमचंद ने 'शतरंज के खिलाड़ी' कहानी लिखी थी, जिस पर सत्यजीत राय ने इसी नाम की फिल्म बनाई थी। उसमें संजीव कुमार और सईद जाफरी ने शतरंज खेलने वाले नवाबों की भूमिका निभाई थी।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, छगन भुजबल ने राजनीति में खेली जाने वाली शतरंजी चाल पर फिकरा कसा है। वह चाहते थे कि उन्हें राज्यसभा में भेजा जाए और बदले में उनके भतीजे समीर को महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्री बनाया जाए, उनका यह प्रस्ताव बीजेपी ने नजरअंदाज कर दिया। राज्यसभा के लिए उनकी पार्टी एनसीपी (अजीत) ने राजेंद्र जैन को प्रत्याशी बनाया।'
हमने कहा, 'भुजबल ने आज की राजनीति की हकीकत बता दी। उन्होंने कहा कि कई नेता लोकसभा और राज्यसभा में हैं और उनके बच्चे राज्य में मंत्री हैं। मेरे साथ भी ऐसा ही होना चाहिए था। भुजबल का इशारा एनसीपी (अजीत) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की ओर था। तटकरे रायगड़ से लोकसभा सदस्य हैं। उनकी बेटी अदिती तटकरे महाराष्ट्र की महिला व बालकल्याण मंत्री हैं। तटकरे का बेटा अनिकेत भी हाल ही में विधानपरिषद के लिए निर्वाचित हुआ है।'
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पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, राजनीति में परिवारवाद एक हकीकत है। मंत्री छगन भुजबल पार्टी में सीनियर हैं व शरद पवार के साथ मिलकर उन्होंने एनसीपी बनाई थी, इसलिए जब मन की मुराद पूरी न हो तो दुख होता है। तभी उन्होंने कहा कि वह मैदानी खेल कबड्डी खेलते हैं, न कि शतरंजी चाल चलते हैं।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा