

Sunil Tatkare Slams Rohit Pawar: सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के बीच चल रहा राजनीतिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। विधान परिषद में अनिकेत तटकरे के निर्विरोध चुने जाने के बाद आयोजित बैठक के पश्चात सुनील तटकरे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए रोहित पवार और सांसद संजय राउत पर तीखा हमला बोला।
अनिकेत तटकरे की जीत के बाद आयोजित कार्यकर्ता बैठक में सुनील तटकरे ने महाविकास आघाड़ी (MVA) द्वारा लगाए जा रहे सौदेबाजी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष हार से बौखला गया है और इसलिए ऐसे आरोप लगा रहा है। उन्होंने विपक्ष को लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विजेताओं को बधाई देना सीखने की सलाह दी।
रोहित पवार को चेतावनी देते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि वे उनके परिवार पर टिप्पणी करने से बचें। उन्होंने कहा कि पवार परिवार का देश और महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा योगदान रहा है, लेकिन नई पीढ़ी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही है, वह उनका व्यक्तिगत स्तर दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि रायगड की जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है, इसे भुलाया नहीं जाना चाहिए।
रोहित पवार के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा से अलग होने पर दोनों एनसीपी गुट एक हो सकते हैं, तटकरे ने उनके दोहरे चरित्र को उजागर किया। सुनील तटकरे ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि रोहित पवार को हमें सलाह देने की जरूरत नहीं है। हमारे पास पूरी रिपोर्ट है कि हडपसर से भाजपा का टिकट पाने के लिए आप किन नेताओं के जरिए मुख्यमंत्री के वर्षा बंगले के चक्कर काट रहे थे। उन्होंने आगे दावा किया कि महाविकास आघाड़ी की सरकार बनने के बाद भी रोहित कर्जत-जामखेड़ से इस्तीफा देकर भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने कई बड़े नेताओं से संपर्क साधा था। इसलिए वे खुद को राजनीति का इकलौता ज्ञानी समझना बंद कर दें।
एनसीपी के भाजपा में विलय की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि उनकी पार्टी महायुति का हिस्सा है और भाजपा उनकी प्रमुख सहयोगी पार्टी है। इसलिए भाजपा से अलग होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित पवार जानबूझकर भ्रम फैलाकर दोहरा राजनीतिक खेल खेल रहे हैं।