दूरदर्शन, रेडियो प्रसारण,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)  
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23 जुलाई का इतिहास: आकाशवाणी से प्रसार भारती तक, जानिए भारतीय प्रसारण का सफर

All India Radio: आकाशवाणी ने भारत में रेडियो प्रसारण की मजबूत नींव रखी। 1927 में शुरू हुई यह सेवा 1957 में 'आकाशवाणी' बनी, जबकि 1997 में प्रसार भारती के गठन के साथ इसे स्वायत्त पहचान मिली।

अंकिता पटेल

All India Radio History: देश में आज रेडियो और टेलीविजन चैनलों की भरमार है, लेकिन एक वक्त था, जब समाचार और मनोरंजन का एकमात्र साधन रेडियो और दूरदर्शन ही हुआ करते थे। आकाशवाणी की स्थापना 1927 में 23 जुलाई के दिन की गई थी और उस समय इस सेवा का नाम भारतीय प्रसारण सेवा (इंडियन ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन) रखा गया था।

देश में रेडियो प्रसारण की शुरुआत मुंबई और कोलकाता में 1927 में दो निजी ट्रांसमीटर से की गई। वर्ष 1930 में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ और 1957 में इसका नाम बदलकर आकाशवाणी रखा गया। प्रसार भारती (ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नाम से भी जानते हैं) भारत की एक सार्वजनिक प्रसारण संस्था है।

इसमें मुख्य रूप से दूरदर्शन एवं आकाशवाणी शामिल हैं। सरकारी प्रसारण संस्थाओं को स्वायत्तता देने के इरादे से 23 नवंबर 1997 को प्रसार भारती का गठन किया गया, जो देश की एक सार्वजनिक प्रसारण संस्था है और इसमें मुख्य रूप से दूरदर्शन और आकाशवाणी को शामिल किया गया है।

देश-दुनिया के इतिहास में 23 जुलाई की तारीख पर दर्ज अन्य घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-

1555 : सरहिंद में सिकन्दर सूरी को हराकर मुगल बादशाह हुमायूं दिल्ली पहुंचे।

1829 : अमेरिका के विलियम ऑस्टिन बर्ट ने टाइपोग्राफ का पेटेंट कराया, जिससे बाद में टाइपराइटर का विकास हुआ।

1877 : हवाई में पहली टेलीफोन और टेलीग्राफ लाईन बिछायी गयी।

1881 : अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक संघ ने खेल परिसंघ की स्थापना की। यह विश्व का सबसे पुराना खेल परिसंघ है।

1920 : ब्रिटेन के कब्जे वाले पूर्वी अफ्रीका का नामकरण केन्या किया गया और इसे ब्रिटिश उपनिवेश बना दिया गया।

1927 : बम्बई से रेडियो सेवा का नियमित प्रसारण शुरू हुआ।

1974 : यूनान में सैन्य शासन का अंत और पूर्व प्रधानमंत्री कौन्सटैनटिन कारमनालिस को दोबारा सत्ता संभालने का न्योता दिया गया।

2001 : मेघावती सुकर्णोपुत्री इंडोनेशिया की राष्ट्रपति बनीं।

2005 : मिस्र के शर्म-अल-शेख के रिजॉर्ट में हुए बम धमाकों में 88 लोग मारे गए थे।

2012 : इराक में सिलसिलेवार हमलों में 103 लोग मारे गए।

2019 : यूरोपीय संघ से अलग होने के मुद्दे पर ब्रिटेन में जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बोरिस जॉनसन देश के नए प्रधानमंत्री चुन लिए गए।

2024: फलस्तीन के प्रतिद्वंद्वी समूह लंबे समय से जारी आपसी मतभेदों को खत्म करने के लिए सहमत हुए।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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