Ghar Me Kaun Sa Paudha Nahi Lagana Chahiye: हिंदू धर्म में प्रकृति की पूजा की जाती है। कई ऐसे पेड़-पौधे हैं, जिनकी पूजा होती है। कुछ ऐसे पौधे हैं, जो देव वृक्ष की श्रेणी में आते हैं। त्योहारों में उन पेड़-पौधों की विधि विधान से पूजा की जाती है। इनके बिना कई व्रत, पर्व या त्योहार अधूरे माने जाते हैं।
लेकिन एक सत्य यह भी है कि कई पेड़-पौधे ऐसे भी हैं, जिन्हें आप अपने घरों में नहीं रख सकते हैं। अपने घरों की बालकनी या डेकोर के लिए इन पौधो का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ऐसा करने से घर और निजी जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
कहते हैं बरगद के पेड़ पर देवता निवास करते हैं। वट सावित्री व्रत में वट वृक्ष की ही पूजा की जाती है। सुहागिनें इस पेड़ के चारों ओर परिक्रमा करती हैं और अखंड सौभाग्यवती होने का वर मांगती हैं। बरगद के पेड़ की पूजा करते हैं, लेकिन इसे घर के आंगन या बालकनी में लगाना वर्जित है। इसकी जड़ें दूर तक फैलती हैं, जिससे घर को भी नुकसान पहुंच सकता है। बरगद के पेड़ की परछाई घर पर पड़ना अशुभ माना जाता है। इससे तनाव और घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ती है।
पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों सर्व शक्तिमान का वास होता है। शनिवार को शनि दोष और पितरों की शांति के लिए पीपल के जड़ पर जल अर्पित करते हैं और सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाते हैं। इसकी पूजा करते हैं, लेकिन इसे घर में लगाना वर्जित है, क्योंकि इसकी जड़ें आपके घर की नींव हिला सकती हैं। जिसके घर में यह पेड़ होता है, उसे धन हानि और जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
शमी के पत्तों को शनि महाराज और महादेव को अर्पित किया जाता है। शनि देव की कृपा पाने, साढ़े साती और ढैय्या के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शमी के पेड़ की पूजा भी की जाती हैं, लेकिन इसे घर में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे वास्तु दोष पैदा होता है और यह कटीला होता है। इसे घर के बाहर लगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
गुरुवार का व्रत करने वाले भक्त केले के पौधे की पूजा करते हैं। मांगलिक कार्यों व पूजा में उसके पत्तों और तनों का उपयोग किया जाता है। केले के पौधे में भगवान विष्णु और देव गुरु बहस्पति का वास होता है। गुरु दोष को दूर करने के लिए भी केले के पौधे की पूजा करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इसे घर के पीछे या मुख्य द्वारा या दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। गलत जगहों पर केले का पौधा लगाने से दांपत्य जीवन, शिक्षा आदि में समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसे ईशान कोण पर लगाया जा सकता है।
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भगवान शिव की पूजा में सफेद व हल्के बैंगनी रंग के मदार के फूलों का उपयोग किया जाता है। कहते हैं इसकी जड़ों में श्वेतार्क गणेश का वास होता है, लेकिन इसे घर में लगाने से परिवार में कलह और बीमारियां बढ़ सकती है। इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण भी पाए जाते हैं।
इसके अलावा गुलदाउदी, जेड प्लांट, बोनसाई, पीस लिली, मनी प्लांट ट्री, बैम्बू ट्री जैसे प्लांट घर पर लगाए जा सकते हैं। ये घर के कोने को सजाने के साथ-साथ एस्थेटिक भी लगते हैं।