कब मनाई जाएगी दुर्गा महाअष्टमी (सौ.सोशल मीडिया)  
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इस नवरात्र की 'दुर्गाष्टमी' की सही तिथि जानिए, पूजा विधि और विशेष नियम भी

Durga Astami Kab Hai: नवरात्रि का हर एक दिन खास होता है। वहीं दुर्गा अष्टमी का विशेष महत्व है। जानें इस बार की दुर्गा अष्टमी कब पड़ रही है? साथ ही दुर्गा अष्टमी के शुभ मुहूर्त और महत्व को भी जानें।

सीमा कुमारी

Durga Maha Ashtami Puja 2025: मां भगवती की आराधना का महापर्व नवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख और पावन त्योहार हैं। यह महापर्व मुख्य रूप से अश्विन माह में मनाया जाता है और पूरे देश भर में 10 दिनों तक चलता है, जिसका समापन विजयादशमी पर होता है।

आपको बता दें,इस साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बार नवरात्रि में एक दिन बढ़ गया है। जानकारी अनुसार इस साल नवरात्रि की चतुर्थी तिथि 25 और 26 सितंबर दोनों ही दिन रहेगी। ऐसे में नवरात्रि की अष्टमी 29 की जगह 30 सितंबर को मनाई जाएगी। चलिए आपको बताते हैं नवरात्रि की अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

कब मनाई जाएगी दुर्गा महाअष्टमी 2025

आपको बता दें,पंचांग के अनुसार, इस साल दुर्गा अष्टमी 30 सितंबर 2025 मंगलवार के दिन मनाई जाएगी। नवरात्रि की अष्टमी को मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है।

इसी दिन कई लोग अपना व्रत खोलते हैं, तो वहीं कुछ लोग हवन करके कन्या पूजन की विधि करते हैं। इस दौरान नौ कन्याओं को सच्चे मन और संकल्प के साथ भोजन कराया जाता है।

महाअष्टमी पर क्या करते हैं

महा अष्टमी पर देवी दुर्गा के महागौरी स्वरूप की उपासना की जाती है। इसके अलावा कई लोग इस दिन हवन करके कन्या पूजन भी करते हैं। जो लोग अष्टमी पूजते हैं वो सप्तमी के दिन व्रत रखकर अष्टमी पर कन्या पूजन के बाद अपना उपवास खोल लेते हैं।

महाअष्टमी का रंग और मंत्र

मां महागौरी का रंग गुलाबी माना जाता है, जो प्रेम, स्नेह और सामंजस्य का प्रतीक है। मंत्रों में शामिल हैं –

ॐ दुर्गायै नमः

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महागौरी दुर्गायै नमः

ॐ दुम दुर्गायै नमः

क्या है दुर्गा अष्टमी का महत्व

पौराणिक मान्याताओं के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था जिसके कारण उनका रंग काला हो गया था। शिव जी माता की कठोर तपस्या से प्रसन्न हुए और माता को गंगा के पवित्र जल से स्नान कराया जिसके बाद देवी का रंग गोरा हो गया। कहते हैं तब से माता को महागौरी कहा जाने लगा। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति दुर्गा अष्टमी व्रत को करता है, उसे सौभाग्य और सफलता की प्राप्ति होती है।

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