आज मनाया जा रहा है धनतेरस का त्योहार।
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है।
इस दिन घरों को सजाने और दीप जलाने की परंपरा है।
धनतेरस पर सोने-चांदी सहित नई चीजों की खरीदारी की जाती है।
यहां जानें धनतेरस पूजा की जरूरी सामग्री और घर पर पूजा करने का तरीका।
Dhanteras Puja Items List 2026: आज धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा हैं। धनतेरस हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। दिवाली से पहले मनाए जाने वाले इस पर्व पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की आराधना की जाती है।
मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि अच्छे स्वास्थ्य और आयुर्वेद से जुड़े हैं, वहीं मां लक्ष्मी को धन और खुशहाली की देवी माना जाता है। धनतेरस के दिन लोग घरों को सजाते हैं, दीप जलाते हैं और सोने-चांदी सहित कई नई चीजों की खरीदारी करते हैं।
अगर आप भी धनतेरस 2026 पर पूजा करने की योजना बना रहे हैं, तो पूजन में इस्तेमाल होने वाली चीजों की तैयारी पहले ही कर लें। आइए जानते हैं धनतेरस की पूजा के लिए किन सामग्रियों की जरूरत पड़ती है और घर पर पूजा करने का सही तरीका क्या है।
धनतेरस पर पूजा के लिए बहुत सारी चीजों की जरूरत नहीं होती। आप अपनी सुविधा के अनुसार इन सामान्य पूजन सामग्रियों की व्यवस्था कर सकते हैं।
भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की तस्वीर या मूर्ति
लकड़ी की चौकी और लाल या पीला कपड़ा
रोली, कुमकुम, हल्दी और चंदन
अक्षत यानी साबुत चावल
फूल और फूलों की माला
फल, मिठाई और प्रसाद
पान, सुपारी और नारियल
कलश और गंगाजल
धूप, अगरबत्ती और कपूर
मिट्टी के दीपक, घी या तेल और रुई की बत्ती
मौली या कलावा
पूजा की थाली और घंटी
सबसे पहले घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद एक चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। पास में जल से भरा कलश रखें। चौकी को फूलों से सजाएं और पूजा की बाकी सामग्री एक थाली में व्यवस्थित कर लें।
पूजा शुरू करने से पहले दीपक जलाएं और भगवान गणेश का स्मरण करें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव को रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें। धूप-दीप दिखाएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्रों का जाप करें। अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें। इस दौरान परिवार की सुख-शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।
धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाए जाते हैं। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने की परंपरा भी है। कई परिवार इस अवसर पर यम दीपक जलाते हैं। यह दीपदान परिवार के मंगल और कल्याण की कामना से जुड़ा माना जाता है।
पूजा की सामग्री पहले से तैयार रखें, ताकि पूजा के समय जल्दबाजी न हो। अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा करें। सामग्री में अपनी सुविधा के अनुसार बदलाव भी कर सकते हैं। धनतेरस का असली आनंद परिवार के साथ मिलकर पूजा करने और खुशियां बांटने में है।