अपनी राशि अनुसार करें इन चीजों का दान (सौ. सोशल मीडिया) 
धर्म

आज है सोम प्रदोष, अपनी राशि के अनुसार करें इन वस्तुओं का दान, ग्रह दोष से मिलेगी मुक्ति

Som Pradosh: हिंदू धर्म में दान को सर्वश्रेष्ठ पुण्य माना गया है और प्रदोष तिथि पर इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। कहा जाता है कि, इस शुभ दिन दान करने से चंद्रदेव और भगवान शिव दोनों प्रसन्न होते है।

सीमा कुमारी

Som Pradosh Vrat Daan: आज मार्गशीर्ष यानी अगहन सोम प्रदोष व्रत है। यह व्रत सनातन धर्म में देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। यह व्रत हर महीने की दोनों त्रयोदशी तिथियान को होता है। जब यह पावन तिथि सोमवार को पड़ती है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहते है। तब इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि सोमवार स्वयं भगवान शिव का दिन माना गया है।

इसलिए इस विशेष संयोग में शिव-पार्वती की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते है।

शास्त्रों में कहा गया है इस दिन पूजा- पाठ के अलावा दान पुण्य करना भी बड़ा शुभ एवं फलदायक माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं, अगहन सोम प्रदोष पर दान करने से कौन-कौन से शुभ फल मिलते हैं और किन वस्तुओं का दान ग्रह दोष दूर कर जीवन में सफलता दिलाता है?

अपनी राशि अनुसार करें इन चीजों का दान

हर राशि का स्वामी ग्रह अलग होता है. इसलिए राशि अनुसार दान करने से उसका असर कई गुना बढ़ जाता है।

  • मेष राशि: सेब और अनार का दान करें।
  • वृषभ राशि: पोहा, दही और चीनी दान करें।
  • मिथुन राशि: हरी सब्जियां और हरे फल दान करें।
  • कर्क राशि: सफेद वस्त्र और दूध दान करें।
  • सिंह राशि: गुड़, गाजर और मूंगफली दान करें।
  • कन्या राशि: राहगीरों को गन्ने का रस पिलाएं या गन्ना दान करें।
  • तुला राशि: चावल और गेहूं का आटा दान करें।
  • वृश्चिक राशि: मोतीचूर के लड्डू दान करें।
  • धनु राशि: पीले फल या बेसन दान करें।
  • मकर राशि: काले वस्त्र या काले तिल दान करें।
  • कुंभ राशि: जूते-चप्पल और धन का दान करें।
  • मीन राशि: चने की दाल, बेसन और पपीता दान करें।

सोम प्रदोष व्रत पर दान का धार्मिक महत्व

हिन्दू मान्यता के अनुसार, हिंदू धर्म में दान को सर्वश्रेष्ठ पुण्य माना गया है और प्रदोष तिथि पर इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। कहा जाता है कि, इस शुभ दिन दान करने से चंद्रदेव और भगवान शिव दोनों प्रसन्न होते हैं।

ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही, वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ता है और रिश्तों की खटास दूर होती है। इसके अलावा, ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की रुकावटें कम होती है।

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