Grahan Mantra Benefits : खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों लिहाज से इस बार सावन अमावस्या बहुत ही खास रहने वाली है। 12 अगस्त 2026 को अमावस्या तिथि के साथ सूर्य ग्रहण का संयोग भी बन रहा है। खगोलीय शास्त्रों के अनुसार, यह ग्रहण रात के समय लगेगा और इसकी पूरी अवधि 13 अगस्त की रात तक रहेगी। हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा।
शास्त्रों में बताया गया है कि ग्रहण के दौरान जब सूर्य की रोशनी कम होती है, तब मंत्रों का उच्चारण करना हमारे मन और शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इस खास समय में की गई प्रार्थना और मंत्रों का जाप सीधा हमारे अवचेतन मन पर असर डालता है, जिससे मानसिक स्पष्टता और शांति प्राप्त होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
सूर्य ग्रहण की अवधि के दौरान सूर्य गायत्री मंत्र 'ओम भास्कराय विद्महे, महातेजाय धीमहि, तन्नो सूर्य प्रचोदयात्' का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए। ग्रहण के दौरान इस मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। साथ ही, कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो सकती है और मानसिक शांति मिलती है।
सूर्य ग्रहण के दौरान इस मंत्र का जाप 'ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् करनाअत्यंत शुभ माना जाता है। यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है जिसका जाप करने से राहु केतु के बुरे प्रभाव से बचाव हो सकता है। साथ ही, भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
'ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' सूर्य बीज मंत्र का कम से कम 108 बार जाप अवश्य करना चाहिए। इसके लिए सूर्य ग्रहण के दौरान किसी शांत स्थान पर बैठकर श्रद्धापूर्वक इसका जप करें। ऐसा करने से जातक के आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है और जीवन में उन्नति के नए मार्ग खुल सकते हैं। साथ ही, जातक को सूर्यदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है।
'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप अवश्य करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के दौरान श्रद्धा भाव से इस मंत्र का जाप करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है क्योंकि, माना जाता है की इस अवधि के दौरान मानसिक तौर पर पूजा व ध्यान करने का प्रभाव अन्य दिनों की तुलना में अधिक होता है।
ऐसे में मंत्रों के जाप से जातक को कई गुना फल प्राप्त हो सकता है। इसके साथ ही, गुरु के मंत्रों का जाप भी बेहद उत्तम माना जाता है। ऐसे में सूर्य ग्रहण के दौरान गुरु मंत्र का भी जाप अवश्य करें।