भगवान गणेश (सौ. Gemini) 
धर्म

बिगड़े काम बनेंगे और चमकेगी किस्मत! जानें संकष्टी चतुर्थी पर महादेव को क्या अर्पित करना है सबसे शुभ।

Sankashti Chaturthi: संकष्टी चतुर्थी पर भगवान शिव की विशेष पूजा करने से बिगड़े काम बनते हैं और किस्मत चमकती है। जानें इस दिन शिवलिंग पर कौन-सी चीज़ अर्पित करना सबसे शुभ होता है।

सीमा कुमारी

Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: सनातन धर्म में भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का बड़ा महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस साल मार्च महीने की मासिक संकष्टी चतुर्थी का व्रत कल 6 मार्च को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से जीवन में शुभता का आगमन होता है। आइए जानते हैं भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर वे कौन सी चीजें हैं, जो आपकी किस्मत बदल सकती हैं?

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

  • कनेर का फूल चढ़ाएं

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन शिवलिंग पर लाल या पीले रंग के कनेर के फूल पर चढ़ाएं। इससे घर की दरिद्रता का नाश होता है और देवी लक्ष्मी का वास होता है।

  • गुड़ मिश्रित जल अर्पित करें

ज्योतिषयों के अनुसार, भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन तांबे के पात्र में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाएं। फिर इस जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और सरकारी कामों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

  • बिल्व पत्र चढ़ाएं

इस दिन शिवलिंग पर तीन पत्तों वाला बिना कटा-फटा बिल्व पत्र लें और उसपर 'ॐ' लिखें। फिर इसे शिवलिंग पर अर्पित करें। यह उपाय करने से करियर में सफलता मिलती है। साथ ही भगवान शिव खुश होते हैं।

  • लाल चंदन का लेप

शिवलिंग पर लाल चंदन का लेप लगाना भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन बहुत शुभ माना गया है। कहा जाता है कि यह लेप लगाने से व्यक्ति को शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

  • अक्षत और काले तिल अर्पित करें

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन बहुत शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन शिवलिंग पर अक्षत और थोड़े से काले तिल चढ़ाने से अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है और पितृ दोष से भी राहत मिलती है।

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का महत्व

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन व्रत करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और भगवान गणेश की कृपा से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। यही कारण है कि भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी को संकटमोचन और आनंददायक दिन माना जाता है।

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