Radha Ashtami Bhog: राधा रानी के भक्तों के लिए राधा अष्टमी का पर्व खास महत्व रखता है। 19 सितंबर, शनिवार को यह पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन राधा रानी के भक्त राधा रानी की पूजा करते है और व्रत रखने के साथ राधा रानी के प्रिय भोग भी लगाते है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा करने से राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है। अगर आप भी घर पर राधा अष्टमी की पूजा करने जा रहे हैं, तो यहां जान लें राधा रानी को किन चीजों का भोग लगाना चाहिए ?
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2026 राधा अष्टमी का पर्व 19 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन राधा रानी की पूजा के लिए दोपहर का समय शुभ माना जाता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक रहेगा।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, राधा रानी को भी कान्हा जी की तरह माखन-मिश्री अति प्रिय है। ऐसे में राधा अष्टमी के दिन राधा रानी को माखन-मिश्री का भोग लगाना न भूलें। इसमें तुलसी दल जरूर रखें।
राधा अष्टमी के दिन कृष्णप्रिया को दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से बना पंचामृत और धनिया या आटे की पंजीरी का भोग जरूर लगाएं।
राधा अष्टमी के दिन कृष्णप्रिया को पंजीरी का भोग के अलावा, मौसमी फल चढ़ाए जा सकते हैं। केला, सेब और अन्य फल श्रद्धा के अनुसार अर्पित करें। व्रत रखने वाले भक्त भी अपनी परंपरा के अनुसार फलाहार कर सकते हैं।
इस दिन राधा रानी को अरबी का भोग जरूर लगाया जाता है। अरबी चढ़ाना बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि अरबी का प्रसाद बनाते समय इसमें लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करें।
राधा रानी पर राधा रानी को अरबी के अलावा मिठाई का भोग लगाने की परंपरा है। घर पर बनी मिठाई या बाजार से लाई गई शुद्ध मिठाई अर्पित की जा सकती है। भोग में क्या चढ़ाना है, यह परिवार की पूजा परंपरा पर भी निर्भर करता है।
राधा अष्टमी पर राधा रानी को खीर का भोग लगाया जा सकता है। दूध, चावल और चीनी से बनी खीर भगवान को अर्पित करने की परंपरा कई घरों में है। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांट सकते हैं।