Pitru Dosh Se Kaise Payen Mukti: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय बड़ा महत्व रखता है। यह समय अपने पूर्वजों यानी पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का शुभ समय माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष को कुंडली से जुड़ा एक दोष माना जाता है। पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितृ पक्ष का समय विशेष माना जाता है। ऐसे में पितृ दोष निवारण के 5 आसान उपाय, जिन्हें पितृपक्ष के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किया जा सकता है।आइए जानते पितृदोष से मुक्ति पाने के 5 अचूक उपाय
धर्म शास्त्रों में पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष में रोजाना या विशेष तिथियों पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल में काले तिल, गंगाजल और कुश मिलाकर पितरों को तर्पण दें। मान्यता है कि, ऐसा करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष में रोजाना श्रीमद्भागवत गीता के 7वें अध्याय का पाठ करें या 'ॐ पितृभ्यः नमः' एवं पितृ गायत्री मंत्र का जाप करें। कहते है इससे भी पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
बताया जाता है कि,पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष में पीपल पेड़ के नीचे दीया जलाना भीशुभ माना गया है। इसके लिए थोड़ा सा आटा लेकर उसमें हल्दी और काले तिल मिलाएं, फिर चौमुखी दीपक तैयार करके सरसों के तेल के साथ किसी पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं।
पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष में प्रतिदिन गाय, कौए और पक्षियों को भोजन अवश्य खिलाएं। खासतौर पर पहली रोटी अवश्य खिलाएं।
पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृपक्ष में अन्न और जल का दान करना चाहिए। इस दौरान गरीबों, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराएं तथा पितरों के नाम पर दान-पुण्य करें।