Peacock Feather Placement Rules: मोरपंख को वास्तु-शास्त्र में बेहद पवित्र माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट की शोभा बढ़ाने वाला मोरपंख घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सुख-समृद्धि लाता है। यही वजह है कि अधिकतर लोग मोरपंख को अपने घरों में लगाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु नियमों के अनुसार, मोरपंख रखने की क्या सही दिशा और स्थान होता है?
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, मोरपंख को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि, दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है। इस दिशा में मोरपंख लगाने से घर में भय, तनाव और मानसिक अशांति का माहौल बनता है। मोरपंख रखने के लिए सबसे सही दिशा पूर्व या उत्तर-पश्चिम मानी गई है।
कई लोग बरकत के लिए अपने पर्स या वॉलेट में मोर पंख रख लेते हैं, जो वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना अशुभ माना गया है। वास्तु एवं ज्योतिष शास्त्र में मोर पंख को स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। इसे पर्स के अंदर रखने से धन की हानि होती है। इसलिए ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।
लोग अक्सर धन वृद्धि के लिए तिजोरी के पास मोरपंख रखते हैं, जो कि सही है, लेकिन ध्यान रहे, मोरपंख कभी भी तिजोरी के अंदर कबाड़ के साथ या तिजोरी के ठीक नीचे फर्श के पास नहीं होना चाहिए। मोरपंख को हमेशा तिजोरी के ऊपर या उसके ठीक सामने इस तरह रखें कि उस पर रोशनी पड़ती रहे, वरना पैसा बेवजह धीरे-धीरे खर्च होने लगता है।
मोरपंख को हमेशा साफ-सुथरी और हवादार जगह पर रखना चाहिए। घर का स्टोर रूम, कबाड़ रखने की जगह या एकदम अंधेरे कोनों में मोरपंख रखने से घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है। साथ ही इससे परिवार के सदस्यों की तरक्की रुक जाती है और कारोबार में लगातार घाटा होने लगता है।
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रसोई को अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है, लेकिन यहां मोर पंख रखना उचित नहीं होता। कहा जाता है कि धुआं और तेल की वजह से वह गंदा होकर नकारात्मक ऊर्जा और अशुभ प्रभाव ला सकता है, इसलिए इसे रसोई में रखने से बचना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम या टॉयलेट को नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। इसलिए यदि किसी कमरे की दीवार बाथरूम से सटी हो, तो उस पर मोरपंख लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ प्रभाव देने वाला माना जाता है।